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Shimla News: घर बैठे देख सकेंगे जाखू मंदिर की आरती, हवन-भंडारे की होगी ऑनलाइन बुकिंग

Sun, 14 Dec 2025 12:29 PM IST
शिमला ब्यूरो दीक्षा सरोय, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जाखू में होने वाली आरती को श्रद्धालु अब घर बैठे लाइव देख सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हवन और भंडारे की बुकिंग की सुविधा भी ऑनलाइन मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर...
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जाखू मंदिर शिमला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजधानी के जाखू स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में होने वाली आरती को लाखों श्रद्धालु अब घर बैठे लाइव देख सकेंगे। इसके लिए मंदिर प्रबंधन वेबसाइट तैयार कर रहा है। वेबसाइट पर इस ऐतिहासिक मंदिर से जुड़ी सारी जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हवन और भंडारे की बुकिंग की सुविधा भी ऑनलाइन मिलेगी। इस वेबसाइट के जरिये लोग मंदिर में दान भी कर पाएंगे। इसके अलावा शिमला घूमने आने वाले सैलानियों को भी मंदिर तक पहुंचने का ट्रैक बताया जाएगा। सैलानी किस रूट से मंदिर तक पहुंच सकते हैं, टैक्सी या रोपवे की कहां से सुविधा मिलेगी, इसकी पूरी जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी। मंदिर में होने वाले सभी धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी भी मिलेगी। जाखू मंदिर समिति ने इसके लिए तैयारी कर ली है।
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कुछ ही दिन में वेबसाइट लॉन्च कर दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन के अनुसार वेबसाइट लगभग तैयार है और इसका ट्रायल किया जा रहा है। इस वेबसाइट पर लोगों की सुविधा के लिए हर संभव जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। जाखू मंदिर समिति के सदस्य हरजीत मंगा ने बताया कि यह वेबसाइट दो सप्ताह में बनकर तैयार हो जाएगी। इसे दिसंबर के अंत तक शुरू कर दिया जाएगा।

हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं मंदिर
जाखू का हनुमान मंदिर देश-विदेश में विख्यात है। स्थानीय लोगों के अलावा शिमला आने वाले सैलानी भी जाखू मंदिर जाना नहीं भूलते। जाखू मंदिर परिसर में हनुमान जी की विशाल 108 फीट ऊंची प्रतिमा भी है। यह प्रतिमा रिज मैदान के अलावा शहर के प्रवेशद्वार तारादेवी से साफ दिखाई देती है। जाखू मंदिर अब रोपवे सुविधा से भी जुड़ा है। इसके अलाव मंदिर परिसर में एस्केलेटर की भी सुविधा है। हर मंगलवार, शनिवार और रविवार को यहां विशेष पूजा होती है और भंडारे का भी आयोजन होता है।
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त्रेतायुग से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
जाखू हुनमान मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार हनुमान संजीवनी बूटी लाने जा रहे थे तब वह इस पहाड़ी पर कुछ देर के लिए रुके थे। यहां ऋषि यक्ष से उनकी मुलाकात हुई थी। हनुमान ने लौटकर उनसे मिलने का वादा किया था लेकिन कालनेमि राक्षस के कारण देरी हो गई और वह उनसे नहीं मिल पाए। इसके बाद जब हनुमान वापस आए तो उन्होंने ऋषि यक्ष को दर्शन दिए और उसी स्थान पर उनकी एक स्वयंभू (स्वयं प्रकट हुई) मूर्ति प्रकट हुई। यह मूर्ति आज भी मंदिर में मौजूद है और पहाड़ी का नाम ऋषि यक्ष से बदलकर पहले यक्षु और फिर जाखू हो गया। इसके बाद 2010 में हनुमान की 108 फीट ऊंची प्रतिमा निखिल नंदा ने कुशल कारिगरों से बनवाकर यहां लगवाई थी। इसका उद्घाटन 5 नवंबर 2010 में अभिनेता अभिषेक बच्चन ने किया था।
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