शिमला। राजधानी के गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीराम कथा के दूसरे दिन वीरवार को प्रभु श्रीराम के अवतार का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान श्रीराम जन्मोत्सव के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। शाम 4:00 बजे से शुरू हुई कथा में कथा व्यास उमा कांत शास्त्री ने बताया कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म का विस्तार होता है, तब-तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने बताया कि महाराजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए ऋषि-मुनियों और विद्वान पंडितों की उपस्थिति में विधि-विधान से पुत्रेष्टि यज्ञ का आयोजन करवाया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद प्राप्त दिव्य खीर को महाराजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा में वितरित किया। प्रसाद ग्रहण करने के फलस्वरूप तीनों रानियों ने गर्भधारण किया। कथाव्यास ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र और शुभ ग्रह-योग में महारानी कौशल्या ने भगवान श्रीराम को जन्म दिया। सनातन धर्म सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने बताया कि श्रीराम कथा का आयोजन 6 अगस्त तक सायं 4:00 बजे से 6:00 बजे तक किया जा रहा है।