दशहरे में बिजली महादेव का अहम स्थान है। देवता भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में दाईं ओर चलते हैं। माता भागासिद्ध को बिजली महादेव की बहन माना जाता है। नरोगी की भागासिद्ध और पीणी की माता भागासिद्ध ने अपने भाई बिजली महादेव से एक साल बाद मिलन किया।
श्रद्धालु इस भव्य नजारे को देखकर भावुक हो उठे। देवता भृगू ऋषि भी लाव लश्कर के साथ माता चामुंडा से मिलने के लिए उनके शिविर तक पहुंचे। दोनों भाई-बहनों का भव्य देवमिलन हुआ। देवता के बाद भाई, बहन ने अपने गूरों के माध्यम देवनीति के अनुसार कार्य करने का आदेश भी सुनाया।
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव नारायण सिंह चौहान ने कहा कि देवी-देवताओं के भी आपस में रिश्ते हैं, जिन्हें वे इस युग में भी निभा रहे हैं। यह देवी-देवता आपस में आने वाली विपत्ति को लेकर भी मंत्रणा करते हैं और इसको लेकर पहले ही आगाह भी करते हैं।