प्रदेश में लगभग सात लाख वृद्धजन हैं और प्रदेश सरकार वृद्धजनों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है। प्रदेश के 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को प्रसिद्ध स्थलों एवं मंदिरों का भ्रमण करवाने के लिए देव भूमि दर्शन नामक नई योजना आरंभ की है।
80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को भ्रमण की यह सुविधा नि:शुल्क प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जबकि इससे कम आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा पैकेज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यहां उक्त जानकारी करते हुए कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वृद्धजनों के साथ सहायक के तौर पर एक सदस्य को यात्रा की अनुमति होगी, जिसको किराए में 80 प्रतिशत की छूट होगी। इच्छुक हिमाचली मूल के वृद्धजनों का यात्रा करने का सपना साकार हो सकेगा।
इस योजना को सभी जिला मुख्यालयों में लागू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र वरिष्ठ नागरिक इसका लाभ उठा सकें। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समितियां बनाई जाएंगी, जो योजना को कार्यरूप देने की अन्य औपचारिकताएं पूरी करेंगी। यात्रा की अवधि लगभग एक सप्ताह की होगी। इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए वृद्धजन की आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इस योजना का लाभ केवल हिमाचली मूल के वृद्धजन ही उठा सकेंगे। इस यात्रा की सुविधा तीन वर्ष में एक बार ही उपलब्ध होगी। जिला भाषा अधिकारी को इस योजना का व्यापक प्रचार- प्रसार करने और नियमों के अनुसार इस योजना को समय पर अमल में लाने का जिम्मा सौंपा गया है।
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय सांस्कृतिक परिधि समिति गठित की गई है। इसमें विभाग के निदेशक के सदस्य सचिव बनाया गया है।
जिला स्तरीय पर यह दायित्व जिलाधीश को सौंपा गया है ताकि जिला स्तर पर स्मारकों व स्थलों का चयन करके उन्हें इस योजना में शामिल किया जा सके। स्मारकों के चयन में स्थानीय विधायकों और ट्रेवल एजेंटों, टूअर ऑपरेटरों और होटल संगठनों के सुझावों पर भी ध्यान दिया जाएगा।