जिला शिमला के कोटखाई उपमंडल में स्कूटी के वीआईपी नंबर एचपी 99-9999 के लिए देशराज ने सबसे ज्यादा 1,12,15,500 रुपये की बोली लगाई है। दूसरे स्थान पर संजय कुमार ने इसी नंबर के लिए अपनी कार के लिए 1,11,000,00, धर्मवीर ने स्कूटी के लिए 1,0000,550 रुपये की बोली लगाई। शुक्रवार शाम पांच बजे पोर्टल बंद हो गया है। कुल 26 लोगों ने इस नंबर के लिए बोली लगाई है।
सबसे अधिक बोली लगाने वाले को पैसा जमा करवाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद उसे नंबर जारी हो जाएगा। अगर बोलीदाता नंबर लेने से इनकार कर देता है तो दूसरे बड़े बोलीदाता और उसके बाद तीसरे को तीन-तीन दिन का समय दिया जाएगा। तीनों ही पीछे हट गए तो बोली रद्द कर दी जाएगी। वीआईपी नंबर के लिए एक-एक करोड़ से ज्यादा की बोली के बाद सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। वीवीआईपी नंबर लेने के लिए एक-एक हजार की राशि पहले ही जमा करवानी होती है।
हिमाचल का कोई भी व्यक्ति नंबर के लिए आनलाइन बोली में हिस्सा ले सकता है। एसडीएम कोटखाई चेतना खड़वाल का कहना है कि सारी प्रक्रिया आनलाइन चल रही है। देशराज और अन्य लोग कहां के रहने वाले हैं यह अभी पता नहीं चल पाया है। राज्य के परिवहन निदेशक अनुपम कश्यप ने कहा कि सबसे अधिक बोली लगाने वाले को तीन दिन का समय दिया गया है। प्रथम तीन बोलीदाताओं ने नंबर न लिया तो नए सिरे से वीवीआईपी नंबर की आनलाइन बोली लगेगी।
वाहन के नंबर के लिए करोड़ों की बोली लगने के बाद खुफिया तंत्र, आयकर विभाग सक्रिय
वाहनों के पंजीकरण के लिए कोटखाई के वाहन पंजीकरण कार्यालय में करोड़ों रुपये की बोली लगने के बाद सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया है। अब इस बात का इंतजार है कि अधिकतम बोली देने वाला व्यक्ति वाहन पंजीकरण शाखा में पूरी राशि कब जमा करवाता है या कम बोली वाले को नंबर जारी होगा। यदि नंबर जारी नहीं हुआ तो दोबारा वाहनों के नंबरों की क्या नए नियम के साथ नीलामी की जाएगी।
पुलिस, सरकार का खुफिया विभाग और आयकर महकमा वाहन पंजीकरण की कोटखाई और जुब्बल शाखा के संपर्क में हैं। सूत्र बताते हैं कि वीरवार को नीलामी की सूचना वायरल होने के बाद सरकारी तंत्र नीलामी में शामिल होने वाले सभी बोली दाताओं के रिकार्ड खंगालने में लग गए हैं। कोटखाई में एक करोड़ की बोली लगने के बाद हालांकि यह साफ हो गया है कि बोली लगाने वाला व्यक्ति शिमला जिले के बाहर का है।
बताया जा रहा कि पंजाब की सीमा के साथ लगने हिमाचल के किसी जिले के गांव का रहने वाला है। इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि करने के लिए कोई तैयार नहीं है। एसडीएम कोटखाई चेतना खड़वाल ने इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा बोली शाम पांच बजे बंद हो जाएगी। अवकाश के कारण दो दिन बाद पता चल सकेगा नंबर किसने लिए जब वह वाहन पंजीकरण शाखा में बोली कर राशि जमा करेगा।
जुब्बल में 15.60 लाख पहुंची एचपी 75-0007 नंबर की बोली
एसडीएम कार्यालय जुब्बल में वाहन के नंबर एचपी 750007 की नीलामी की बोली पंद्रह लाख साठ हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। इससे पहले कोटखाई में प्रदेश की सबसे ऊंची बोली एक करोड़ 12 लाख सुर्खियों में बनी हुई है। शुक्रवार को पांच बजे के बाद ऑनलाइन नीलामी बंद होने पर अंतिम बोलीदात्ता राशि पंजीकरण शाखा में जमा करवाएगा, उसके बाद नीलामी पुख्ता हो पाएगी। जुब्बल में वाहन पंजीकरण के लिए एचपी 75 सीरिज जारी की गई है।
कोटखाई में एचपी 99 की सीरिज शुरू हुई है। ऐसे में प्रदेश के अन्य स्थानों से लोग नए नंबरों के लिए एक हजार रुपये की राशि जमा करने के बाद ऑनलाइन ही नीलामी में भाग ले रहे हैं। रोहड़ू में भी दो महीने पहले एचपी 10 सी 0001 नंबर के लिए ऑनलाइन एक व्यक्ति ने बारह लाख की बोली दी थी। बाद में अंतिम बोलीदाता ने नंबर नहीं लिया तो लाख रुपये में नंबर जारी हुआ। अब कोटखाई और जुब्बल में वाहन नंबर के लिए चल रही बोली को लेकर खूब चर्चा है।
हर व्यक्ति जानना चाहता है कि स्कूटी लेने वाले व्यक्ति को एक करोड़ के नंबर की जरूरत क्यों। जुब्बल में ट्रक के नंबर के लिए पंद्रह लाख की बोली पहुंच चुकी है। जुब्बल-कोटखाई से भाजपा प्रत्याशी रहे चेतन सिंह बरागटा ने कहा कि जो व्यक्ति एक करोड़ 12 लाख की बोली लगाकर नंबर खरीदना चाहता है। उसने यदि बोली झूठी लगाई तो उसके खिलाफ सरकार कड़ी कर्रवाई करे।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार क्षेत्र और प्रदेश को पूरे देश में बदनाम करने वालों की संपत्ति की भी जांच की जाए। एसडीएम जुब्बल राजीव संख्यान ने कहा कि जुब्बल में पोर्टल पर ऑनलाइन एचपी 750007 की बोली पंद्रह लाख तक पहुंच चुकी है। बोली किसने लगाई इसकी उनके पास जानकारी नहीं है।