इतना ही नहीं विदेशी एंटी हेलगन चलाने के लिए एसिटिलीन गैस इस्तेमाल हो रही है जबकि स्वदेशी एंटी हेलगन एलपीजी से संचालित होती है जिसके चलते इसका संचालन भी सस्ता है। स्वदेशी एंटी हेलगन तैयार करने वाली आईआईटी मुंबई के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की टीम में बतौर शोधकर्ता शामिल रहे जिले के नावर टिक्कर के रहने वाले इंजीनियर शुभम चौहान ने बताया कि आईआईटी मुंबई के शोधकर्ताओं ने डीन रिसर्च की अनुमति से स्टार्ट अप तैयार किया है। सेब उत्पादक संगठन स्वदेशी एंटी हेलगन लगाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले साल सेब सीजन से पहले एक से दो स्वदेशी एंटी हेलगन स्थापित कर ली जाए।
आईआईटी मुंबई के डीन रिर्सच की अनुमति से स्टार्ट अप स्थापित
आईआईटी मुंबई के डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग ने संस्थान के डीन रिर्सच की अनुमति से स्टार्ट अप स्थापित किया है। शिमला के मंढोल में स्थापित पहली स्वदेशी एंटी हेलगन का ट्रायल सफल रहने के बाद बागवान संगठनों के आग्रह पर अब स्टार्ट अप के माध्यम से स्वदेशी एंटी हेलगन तैयार कर उपलब्ध करवाई जाएंगी।-प्रो. सुदर्शन कुमार, इंस्टीट्यूट चीफ, एचओडी डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग आईआईटी मुंबई