घटनाओं और अनुभव के आधार पर अब मुख्यमंत्री ने अपनी शैली में खासा बदलाव कर अफसरों को हैरान कर दिया है। पहले शासन स्तर पर बड़े बदलाव और अब कसौली कांड में कड़ी कार्रवाई के बाद से अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत है।
हाल यह है कि अफसर से लेकर बाबू तक अपने काम को गंभीरता से ले रहे हैं। फाइलों को भी समय से निपटाने पर जोर दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सभी विभागीय सचिवों के जरिये निचले स्तर तक संदेश दिया गया है कि काम में चूक को नजरंदाज नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री की इस सख्ती के बाद शासन के कामकाज में कितना असर आता है।