26 को जिला मुख्यालयों में होंगे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) की जिला कमेटी की बैठक किसान मजदूर भवन चितकारा पार्क कैथू में रविवार को हुई। जिला अध्यक्ष शांति देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीटू जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, रमाकांत मिश्रा, महासचिव राजमिला, चंपा देवी, पुष्पा शर्मा, सुलक्षणा ठाकुर, सुरेखा, ध्यानचंद काल्टा, जयवंती, सुनीता, जानकी देवी, रेखा देवी, रंजना नैंटा और कविता मौजूद रही।
सीटू जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, रमाकांत मिश्रा, शांति देवी, राजमिला ने कहा कि मिड-डे मील वर्करों को राज्य सरकार ने वेतन में अप्रैल 2025 से 500 बढ़ोतरी कर 5000 रुपये देने की बजट में बात कही थी, अभी तक किसी भी वर्कर को 5000 रुपये बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिल रहा है। पिछले कई महीनों से मात्र 3500 और 4000 रुपये वेतन दिया जा रहा है, वह भी समय पर नहीं मिल रहा है। यूनियन ने बकाया वेतन और हर महीने की 7 तारीख से पहले देने और उच्च न्यायालय की ओर से मिड-डे मील कर्मियों को 12 महीने वेतन के फैसले को लागू करने की मांग की। पंजाब सरकार के मिड-डे मील व हिमाचल में आंगनबाड़ी की तेज पर 20 छुट्टियों की सुविधा दी जाए। साल में दो वर्दी दी जाए। अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। बंद किए गए स्कूलों में अन्य स्टाफ की तरह मिड-डे मील कर्मियों को भी दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए। उनके लिए नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। चुनाव के समय पोलिंग पार्टी को खाना बनाने का कार्य न करवाया जाए। प्रत्येक स्कूल में अनिवार्य रूप से दो मिड-डे मील वर्करों की नियुक्ति की जाए। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार मिड-डे मील कर्मियों को मजदूर का दर्जा दिया जाए व उन्हें नियमित किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर 7000 रुपये वेतन दिया जाए व साथ ही प्री प्राइमरी के बच्चों को खाना खिलाने व देखभाल करने का अतिरिक्त वेतन दिया जाए । बैठक में फैसला हुआ कि 26 नवंबर को किसान मजदूर मजदूर के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में जिला मुख्यालय में सैकड़ों वर्कर भाग लेंगे।