चार श्रम संहिताओं समेत अन्य मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सीटू संबंधित मिड-डे-मील वर्कर यूनियन ने केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार से वेतन समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की है। अगर मांगें पूरी न हुईं तो यूनियन 10 दिसंबर को दिल्ली में देशव्यापी प्रदर्शन में भाग लेगी। शनिवार को जिला कमेटी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता शांति देवी ने की।
उन्होंने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार की मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और रोजगार की असुरक्षा लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर श्रमिकों के दशकों के संघर्षों से हासिल अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। मिड-डे-मील वर्करों को वेतन न के बराबर दिया जा रहा है। श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदलकर श्रमिकों को अधिक असुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में चर्चा की कि चार श्रम संहिताओं को लागू करने से मेहनत करने वाले लोगों को परेशान करने का कार्य किया जाता है। 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सर्वसम्मत सिफारिशों को लागू नहीं किया जा रहा है। न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और अन्य सभी कानूनी लाभ सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में सीटू के राज्य उपाध्यक्ष अजय दुल्टा, जिला कोषाध्यक्ष बालक राम, सचिव रमाकांत मिश्रा, रंजीव कुठियाला, मिड-डे मील महासचिव राज मिला, पुष्पा शर्मा, सुलक्षणा ठाकुर, सुनीता देवी, कौशल्या,रीना , श्रीकांत, जय सिंह, दिनेश, कृष्ण लाल, कविता, योजना, मीरा आदि ने भाग लिया