उपायुक्त ने जारी किए आदेश, एसडीएम शहरी और एसडीएम ग्रामीण तैयार करवाएंगे रिकॉर्ड
क्रॉसर
जून 2022 में होने हैं नगर निगम के चुनाव
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में नगर निगम चुनाव और वार्डों के पुनर्सीमांकन को लेकर सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। ठीक 11 महीने बाद जून 2022 में होने वाले शिमला नगर निगम चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनाव से पहले होने वाले वार्डों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के लिए एसडीएम शहरी और एसडीएम ग्रामीण को काम शुरू करने को कहा है। इससे पहले कि चुनाव आयोग नगर निगम चुनाव को लेकर कोई अधिसूचना जारी करे, शहर में वार्डों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को पूरा किया जाना जरूरी है। सरकार की ओर से भी इस बारे में कभी भी दिशा निर्देश जारी हो सकते हैं। ऐसे में अधिकारियों को अभी से तैयारी करने को कहा है। नगर निगम आयुक्त या जनगणना विभाग से शहर के वार्डों और इनकी वार्ड वाइज जनसंख्या का रिकॉर्ड तैयार रखने को कहा है। हर वार्ड में कितने घर हैं, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इसके अलावा राजस्व विभाग को भी वार्डों से जुड़े रिकॉर्ड को तैयार करने को कहा है।
वार्डों के चुनाव बूथ तय करना, इन पर बीएलओ की तैनाती करने और तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने संबंधी तैयारियों को शुरू करने को भी कहा है।
अभी शहर में हैं कुल 34 वार्ड
शिमला नगर निगम में अभी कुल 34 वार्ड हैं। साल 2017 के चुनाव के समय नगर निगम में 25 वार्ड थे। चुनाव के समय हुए पुनर्सीमांकन के बाद इनकी संख्या 34 कर दी गई। शहर में अभी भी खलीनी, कृष्णानगर समेत कई बड़े वार्ड हैं जिन्हें दो वार्डों में बदला जा सकता है। वार्डों की सीमाएं भी नए सिरे से तय होनी हैं।
अभी यह हैं समीकरण
शिमला नगर निगम पर अभी भाजपा का कब्जा है। कुल 34 वार्डों में से 21 पर भाजपा का कब्जा है। 11 वार्डों में कांग्रेस के पार्षद हैं। एक आजाद जबकि एक माकपा पार्षद है। नगर निगम में बहुमत हासिल करने के लिए अभी 18 पार्षद होना जरूरी है। वार्डों के पुनर्सीमांकन के बाद इनका आंकड़ा वार्डों की संख्या के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है।
क्या कहते हैं डीसी
डीसी आदित्य नेगी ने कहा कि नगर निगम चुनाव से पहले होने वाले वार्डों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन को लेकर अधिकारियों को तैयारियां करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।