दिल्ली हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप मामले में दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। अदालत ने सीबीआई व आयकर विभाग की पेश जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कहा कि दोनों ही विभाग जांच कर रहे हैं, ऐसे में अदालत में अलग से सुनवाई करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ के समक्ष सीबीआई की और पेश अधिवक्ता ने कहा कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में तेजी से जांच की जा रही है। वहीं, आयकर विभाग की और से पेश अधिवक्ता ने कहा कि विभाग की ओर से वीरभद्र सिंह द्वारा भरे गए आयकर रिटर्न का मूल्यांकन व पुर्नमूल्यांकन किया है।
मामले की जांच जारी है और उसमें समय लगेगा। वहीं, वीरभद्र की और से पेश अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने भी याचिका विचार योग्य है या नहीं मुद्दे पर जिरह करने से इनकार कर दिया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जब मामले में सीबीआई में प्राथमिकी दर्ज कर ली और जांच जारी है। वहीं, आयकर विभाग भी अपना काम कर रहा है।