हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग संपत्ति जब्ती मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को राहत प्रदान की है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की संपत्ति जब्ती संबंधी कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
लेकिन स्पष्ट कर दिया कि उनके अंतिम फैसले तक यदि ईडी इस मामले में कोई निर्णय लेता है तो वह प्रभावी नहीं होगा। मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंतनाथ की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि ईडी की ओर से दर्ज मामले में वीरभद्र व उनकी पत्नी का नाम शामिल है।
वहीं उनके बेटे व बेटी का नाम प्राथमिकी में नहीं है। ऐसी हालत में वीरभद्र व उनकी पत्नी को बेटे-बेटी के समान राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि ईडी याची के खिलाफ अपनी सुनवाई को जारी रख सकता है।
लेकिन यदि उसने इन दोनों के खिलाफ याचिका के निपटारे तक कोई निर्णय लिया तो वह प्रभावी नहीं रहेगा। अदालत ने वीरभद्र और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह की याचिका पर सुनवाई मुख्य याचिका के साथ 18 जुलाई तय की है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने इससे पूर्व वीरभद्र सिंह के बेटे व बेटी की याचिका पर ईडी द्वारा उनके खिलाफ की जा रही जा कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी ने ईडी के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें दोनों की कुछ संपत्ति को जब्त करने को कहा गया है।