शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई कोर्ट) शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने राघव सूद बनाम नगर निगम शिमला मामले में अहम आदेश पारित किया है। अदालत ने लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें अपील दाखिल करने में हुई भारी देरी को माफ करने की मांग की थी। यह मामला नगर निगम कमिश्नर शिमला द्वारा 7 जनवरी 2023 को पारित एक आदेश के खिलाफ अपील से जुड़ा है। आवेदक राघव सूद की ओर से दलील दी थी कि उन्हें मामले में 30 नवंबर 2018 को एकतरफा (एक्स-पार्टी) कार्यवाही के तहत दोषी माना गया था और 26 जून 2023 को पत्र के माध्यम से उन्हें अंतिम आदेश की प्रति मिलने पर इसकी जानकारी हुई। आवेदक का तर्क था कि एकतरफा आदेश को रद्द करने के लिए उन्होंने ऑर्डर 9 रूल 13 सीपीसी के तहत आवेदन किया था जिसे न्यायिक आदेश के बजाय प्रशासनिक स्तर पर खारिज कर दिया। संवाद