वे उक्त पद पर एचपीयू से बिना किसी तरह का वेतन लिए सेवाएं दे सकेंगे, जब तक उनका कार्यकाल पूरा नहीं हो जाता। वहीं, कर्मचारी चयन आयोग में 17 जनवरी, 2017 को अध्यक्ष बनकर ईओई लेकर गए समाज शास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर मोहन झारटा की ईओएल को रद्द करने के लिए विभाग में चल रही शिक्षकों की कमी को आधार बनाया गया है।
विभाग में अब तक मास्टर इन सोशल वर्क में दो और एमए समाज शास्त्र में एक ही शिक्षक था। हालांकि, प्रो. झारटा को पदभार संभालने को कोई समयसीमा नहीं दी गई है। वैसे भी विवि में इन दिनों अवकाश चल रहा है। जाहिर है कि प्रो. झारटा छुट्टियों के बाद विभाग में ज्वाइन कर लेंगे।
विवि की अकादमिक परिषद की स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों को भी ईसी ने मंजूरी दी। इसमें विवि के वोकेशनल स्टडीज संस्थान के एमटीए कोर्स का नाम एमटीटीए (मास्टर इन टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट), बीटीए कोर्स का नाम बदलकर बीटीटीएम (बैचलर इन टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट) कर दिया जाएगा।
बीटीए के पांच वर्षीय इंटिग्रेटिड कोर्स के छात्रों को एनवायरमेंट कोर्स विषय पढ़ाए जाने और अर्थशास्त्र विभाग में एमए करने वाले विदेशी छात्रों को इंडियन इकॉनोमी के स्थान डेजेटेशन पढ़ाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।