केंद्रीय पदाधिकारियों के अलावा प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय भी पहुंचे थे। बैठक में संगठन के सभी मोर्चों को लोस चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद शाम को कोर कमेटी की बैठक हुई।
इसमें सीएम और अध्यक्ष के अलावा प्रभारी, पूर्व सीएम शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, मंत्रियों में विपिन परमार, सुरेश भारद्वाज सहित सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मौजूद रहे।
कोर कमेटी ने चुनावी रणनीति पर चर्चा से पहले संगठनात्मक गतिविधियों और कांग्रेस को लेकर चर्चा हुई। संसदीय क्षेत्रों में सांसदों को गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए गए। पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षणों के शुरू करने पर मंथन हुआ। संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रदेश अध्यक्ष सत्ती ने कमेटी को अवगत करवाया।
सरकार और संगठन को और बेहतर बनाने के लिए निगम और बोर्डों में चेयरमैन और उपाध्यक्ष के पदों को जल्द भरने का निर्णय हुआ। लंबे समय से रिक्त पदों पर नए चेहरों को मौका दिया जाना है।विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने वालों और संगठनात्मक कार्यों में बेहतर कामकाज करने वालों को तरजीह दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि राजनीतिक नियुक्तियां में जल्दबाजी नहीं की जाएंगी। मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक के साथ सीपीएस के पदों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की। फिलहाल, सीपीएस नियुक्त नहीं किए जाने हैं।