गायनी विभाग को भी केएनएच वापस लाने का आग्रह अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने प्रदेश उच्च न्यायालय के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) को लेकर दिए फैसले का स्वागत किया है। इसके साथ गायनी विभाग को भी वापस केएनएच लाने का आग्रह किया है।
महिला समिति की अध्यक्ष रंजना जरेट और सचिव फालमा चौहान ने कहा कि अदालत के फैसले और सरकार की ओर से दिए हलफनामे से यह साफ हो गया है कि कमला नेहरू अस्पताल को आईजीएमसी शिफ्ट नहीं किया जाएगा और यहां विधायकों के आवास नहीं बनेंगे। इस अस्पताल को केवल महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ही रखा जाएगा। वहीं गायनी (स्त्री रोग) के सभी वार्डों को आईजीएमसी शिफ्ट किए जाने के मामले में अदालत ने सरकार से गायनी विभाग के लिए और जगह उपलब्ध करवाने को लेकर हलफनामा देने को कहा है।
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फालमा चौहान ने कहा कि सरकार ने यह मान लिया है कि आईजीएमसी में गायनी वार्ड के लिए दिया स्थान कमला नेहरू अस्पताल की तुलना में कम है। इसके अलावा आईजीएमसी में जो स्थान उपलब्ध करवाया है, उसे भी वहां पहले से चल रहे अन्य विभागों से लेकर दिया है, जिससे उन विभागों के कर्मचारियों और भर्ती मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रंजना जरेट और फालमा चौहान ने कहा कि स्त्री रोग (गायनी) और प्रसूति (ऑब्सटेट्रिक्स) विभागों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने आईजीएमसी के विभागों को चमियाना शिफ्ट कर उन्हें अलग-थलग कर दिया है, उसी तरह कमला नेहरू अस्पताल को भी विभाजित करने का काम किया है।
समिति ने मांग की कि सरकार केएनएच से आईजीएमसी शिफ्ट किए गायनी विभाग को पहले की तरह वापस केएनएच में लाए। यहीं पर पूरे प्रदेशभर से उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाए। गायनी विभाग को आईजीएमसी ले जाया गया है, तब से महिला मरीजों और उनके परिजनों को दोनों अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जो कि पहले कभी नहीं होता था।