एनएच के धीमे मरम्मत कार्य पर हाईकोर्ट सख्त
मंडी-मनाली के बीच पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाईकोर्ट ने सरकार की लचीली कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मंडी और कल्लू व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश हुए। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के मरम्मत कार्य में हो रही देरी पर सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने इस मामले को सुना। अदालत ने पूछा कि बरसात से होने वाली तबाही को रोकने के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। कार्य में तेजी लाने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।
इस पर सरकार ने कहा कि प्रशासन ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मिलकर एक कमेटी गठित की है, जो इस मामले को देख रही है। सरकार की ओर से फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट दायर की गई है। सरकार ने अदालत को बताया कि सड़कों की मरम्मत और दुरुस्ती के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। वहीं, एनएचएआई ने अदालत में कहा कि सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए 4.57 करोड़ की राशि स्वीकृत हो गई है। कुछ पैसा सरकार को रिलीज कर दिया गया है। बची हुई राशि जल्दी जारी कर दी जाएगी। अदालत ने कहा कि सरकार लोगों की जान को खतरे में नहीं डाल सकती। बरसात होने से पहले सड़कों की खस्ताहालत को सुधारा जाए। सरकार तय करे कि अपने नागरिकों के जीवन को कैसे बचाया जाए। सरकार को कार्य में तेजी लाने के लिए उचित कदम उठाने पड़ेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई मई में होगी।