हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले वीरभद्र सरकार ने इस वर्ग को खुश करने की कोशिश की है। कैबिनेट की बैठक में जनता को भी कई सौगात दी गई है। जी हां वीरभद्र सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले साधु-संतों को खुश करने की कोशिश की है।
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मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक ने सिलिंग एक्ट में संशोधन करने को मंजूरी दी गई है। कांग्रेस सरकार ने भले ही साधु-संतों पर मेहरबानी दिखाई हो लेकिन धार्मिक संस्थाओं को इसका फायदा नहीं मिल सकता है।
विधानसभा चुनाव का एलान कभी भी हो सकता है जबकि एक्ट में संशोधन के लिए मामले को विधानसभा में ले जाना होगा। हिमाचल में धार्मिक संस्थाओं के पास 50 हजार बीघा से अधिक जमीन है।
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सरकार ने धार्मिक संस्थाओं को डेढ़ सौ बीघा जमीन रखने की अनुमति दी थी, तीन साल पहले एक्ट में संशोधन हुआ, जिसमें कहा गया कि धार्मिक संस्थाएं डेढ़ सौ बीघा से ज्यादा जमीनें दान में ले सकती हैं लेकिन बेचने का अधिकार नहीं होगा।
बीते साल से धार्मिक संस्था दबाव बनाकर सरकार से जमीन बेचने का अधिकार मांग रही है। इसमें तर्क दिया गया कि उनके पास हजारों बीघा जमीन है, जो इधर-उधर है। ये जमीनें धार्मिक संस्थाओं के काम की नहीं हैं। ऐसे में इन जमीनों को बेचकर मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के लिए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
दो बार खारिज हो चुका मामला
साधु-संत लगातार प्रदेश सरकार पर दबाव बनाकर जमीन बेचने का अधिकार मांग रहे हैं। दो बार यह मामला कैबिनेट से खारिज हो चुका है। अधिकारी भी नहीं चाहते हैं कि साधु-संतों को यह अधिकार दिया जाए।
पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट में कटौती
प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट में एक फीसदी की कटौती की है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में पेट्रोल 52 पैसे और डीजल 43 पैसे सस्ता होगा। नई दरें दो-तीन दिन बाद प्रभावी होंगी।
उधर, हिमाचल के साथ चुनाव में उतरने वाले भाजपा शासित राज्य गुजरात ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल पर चार फीसदी वैट कम कर बड़ी राहत दी। गुजरात में पेट्रोल 2.93 रुपये और डीजल 2.72 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने वैट घटाकर पेट्रोल दो रुपये और डीजल एक रुपये प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। बताते चलें कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी दो रुपये की कमी की थी।
10 जिलों में चलेंगी मोबाइल चिकित्सा इकाइयां
वीरभद्र मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को प्रदेश के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 10 जिलों में मोबाइल चिकित्सा इकाइयां क्रियाशील बनाने का निर्णय लिया है।
ये सचल वाहन आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होंगे। डाक्टर और टेकनीशियन भी इन वाहनों के लिए तैनात किए जाएंगे। रोस्टर के आधार पर हर जिला में कैंप लगाएंगे जिसकी पहले से स्थानीय लोगों को जानकारी दी जाएगी।
मोबाइल चिकित्सा इकाइयां उन क्षेत्रों में कैंप करेगी जहां नियमित डाक्टरों की तैनाती नहीं है। हालांकि किन्नौर तथा लाहौल स्पीति में मौसम और परिवहन की दुश्वारियों को देखते हुए इस इकाइयों को शुरू नहीं किया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा बढ़ाया
कैबिनेट में नैना देवी जी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घवांडल का दर्जा बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
- शाहपुर विस क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने को स्वीकृति
- बिलासपुर जिला की धौण, कोटी पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने को दी मंजूरी
- रोहडू की सीमा पंचायत सीमा (रनताड़ी) के स्वास्थ्य उपकेंद्र बारटु को तीन पदों होंगे सृजित
- सूचना एवं जन संपर्क विभाग में उप संपादक के एक पद और आशुटंकक के चार पद भरने को मंजूरी
- उच्च न्यायालय रजिस्ट्री में एक पद पंजीयक, पंचायतीराज विभाग में पंचायत निरीक्षक का एक होगा पद सृजित
6 जिलों में कोषाधिकारी के पद भरने की मंजूरी
-कैबिनेट ने छ: जिलों में कोषाधिकारी का एक - एक पद सृजित और भरने को मंजूरी दी
- सोलन जिला के दाड़लाघाट में उप कोषागार खोलने और कोषागार, लेखा व लॉटरी विभाग में पांच पद होंगे सृजित
- मंडी, कुल्लू जिला में अनेक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च पाठशालाओं को स्तरोन्नत करने को मंजूरी
- कांगड़ा जिला ज्वाली में लोनिवि के विश्राम गृह में अतिरिक्त आवास निर्मित करने का निर्णय
- रामपुर के देलठ में लोक निर्माण विभाग के नए अतिथि गृह निर्माण को मंजूरी दी।
यहां खुलेगा नया थाना
मंत्रीमडल ने सोलन जिला के सायरी में खुलेगा नया पुलिस थाना को मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के सरकाघाट तहसील के बलद्वाड़ा स्थित पुलिस चौकी को पुलिस थाना में होगा स्तरोन्नत । सरकाघाट के भदरोता में लोनिवि का उपमंडल खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट की बैठक बुलाने के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव वीसी फारका को अधिकारियों से दोपहर दो बजे तक एजेंडा तैयार करने को कहा। निर्धारित समय तक केवल 6 एजेंडा बिंदू तय हुए थे।
इनमें मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन और सदस्य का पद, पेट्रोल डीजल पर वैट प्रमुख थे। इसके बाद धार्मिक संस्थाओं की भूमि को सीलिंग से बाहर करने सहित अन्य प्रस्ताव तैयार हुए। पौने तीन बजे कैबिनेट शुरू हुई और साढ़े चार बजे समाप्त हो गई।