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सिरमाैर: संगड़ाह-रेणुकाजी सड़क पर कार और दो बाइकों पर गिरा मलबा, चार लोग बाल-बाल बचे, देखें वीडियो

Tue, 05 May 2026 08:34 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, संगड़ाह/सतौन/नाहन/राजगढ़/धौलाकुआं/कफोटा (सिरमौर)।

सार

संगड़ाह-रेणुकाजी सड़क पर संगड़ाह से करीब एक किलोमीटर दूर वालिया माइनिंग के समीप बारिश से भारी सड़क पर मलबा गिर गया। 
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संगड़ाह-रेणुकाजी सड़क पर कार और दो बाइकों पर गिरा मलबा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सिरमौर जिला में मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट ली। इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि से नकदी फसलों और फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है। संगड़ाह-रेणुकाजी सड़क पर संगड़ाह से करीब एक किलोमीटर दूर वालिया माइनिंग के समीप बारिश से भारी सड़क पर मलबा गिर गया। इस दौरान मलबे में एक गाड़ी व दो बाइक चपेट में आ गए। सामने से आ रही निजी बस को पास देते समय अचानक ऊपर से एप्लाइड़ फॉर कार पर मलबा गिर गया। इस दौरान दो मोटरसाइकिल भी मलबे की चपेट में आ गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई अनहोनी घटना होने से बच गई। कार में भारतीय सेना में तैनात जवान विनोद कुमार सहित चार सदस्य मौजूद थे। यह सभी अपने गांव टिकरी जा रहे थे। मलबा गिरने से विनोद के बेटे को हल्की चोटें आई हैं, बाकि सभी सुरक्षित हैं। हालांकि गाड़ी और बाइक क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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बस में सवार यात्रियों पर कीचड़ गिरा
उधर, मलबा गिरने से बस में सवार यात्रियों पर कीचड़ गिर गया। इस दौरान मौके पर अफरा तफरी मच गई और लोग बस से उतरकर बाहर की तरफ भागे। वहीं, कार सवार लोगों को यात्रियों ने शीशे तोड़कर व खिड़कियां खोलकर बाहर निकाला। मौके पर काफी देर तक वाहनों की लंबी कत्तारें लगी रहीं। ऐसे में काफी देर तक उन्हें समस्या का सामना करना पड़ा। बता दें,  इसी स्थान पर बीते वर्ष भी एक गाड़ी के ऊपर मलबा गिर गया था। इससे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। यहां हल्की बारिश के बाद भी अक्सर मलबा गिरता है। ऐसे में लोगों की जान को खतरा बना रहता है। लोगों की मांग है कि इस समस्या का जल्द समाधान हो ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

 बरसात से सतौन-रेणुकाजी सड़क बाधित
वहीं, दोपहर बाद हुई बरसात से सतौन-रेणुकाजी सड़क टिक्कर खड्ड के पास बंद हो गई। यहां साढ़े पांच बजे तक मूसलाधार बारिश हुई। बरसात के साथ साथ ओले भी गिरे। सड़क बंद हो जाने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कत्तारें लगी रहीं। इस दौरान लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि सड़क आवाजाही के लिए साढ़े सात बजे के करीब खोली गई। इसके बाद राहगीरों ने राहत की सांस ली।

बारिश-ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान, 53 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त
धौलाकुआं, पांवटा साहिब क्षेत्र में तूफान के चलते विद्युत बोर्ड को लाखों का नुकसान हुआ है। विकास खंड राजगढ़ की दाहन, नेरी कोटली, हाब्बन, भाणत व छोगटाली पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई। इसके चलते फूल, टमाटर, मटर और फ्रांसबीन और लहसुन की फसलों को नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त यह ओलावृष्टि फलदार पौधों आड़ू, सेब, प्लम व खुमानी इत्यादि के लिए भी हानिकारक साबित होगी। विपरीत मौसम के चलते फलदार पौधों में इस बार सेटिंग काफी कम है। इस पर ओलावृष्टि की मार किसानों व बागवानों के लिए आफत बन गई है। जिले के धारटीधार, सैनधार और गिरिपार क्षेत्र में लहसुन खोदाई का कार्य चल रहा है। दोपहर बाद अचानक आई बारिश से कई किसानों का लहसुन गीला हो गया है। इसके चलते उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। जिला मुख्यालय नाहन के चौगान मैदान में चल रहा जोड़ मेले में भी बारिश से खासा खलल पड़ा। मैदान गीला होने और ग्राहकों की कम आमद से दुकानदारों को मायूसी ही हाथ लगी।

 
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उधर, तेज तूफान ने बिजली बोर्ड को भारी नुकसान पहुंचाया है। पांवटा मंडल के चार उपमंडलों में तूफान ने 27 लाख रुपये से अधिक की क्षति पहुंचाई। कई स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एचटी लाइनें टूटने से लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जानकारी के अनुसार सतौन, पांवटा, बद्रीपुर और धौलाकुआं उपमंडलों के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 53 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। खासतौर पर सतौन उपमंडल में ही 47 पोल तूफान की भेंट चढ़ गए, जिससे संबंधित एचटी लाइनें पूरी तरह टूटकर बिखर गईं। यहां करीब 8.65 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है। वहीं पांवटा उपमंडल के गोंदपुर, बद्रीनगर और जामनीवाला क्षेत्रों में लगभग 8.05 लाख रुपये की क्षति हुई है। धौलाकुआं उपमंडल के कोलर सहित अन्य क्षेत्रों में करीब 8.54 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है। इसके अलावा पांवटा, भुगतनी और रामपुरघाट क्षेत्रों में भी करीब 2.27 लाख रुपये की क्षति का अनुमान है। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता अंशुल ठाकुर ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन अधिकांश क्षतिग्रस्त लाइनों को चालू कर दिया गया है। शेष लाइनों को चरणबद्ध तरीके से ठीक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षति का प्राक्कलन तैयार कर टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से स्थायी मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। संवाद
 
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