अब प्रश्न उठता है कि अगर 15 को ही डल तक भेजना था तो 40 को मंजूरी क्यों दी? हाल ही में मणिमहेश न्यास समिति की बैठक में जन्माष्टमी स्नान के दिन मणिमहेश तक सिर्फ नौ लोगों के जाने का फैसला हुआ था। उधर चंबा में कोरोना के मामलों के चलते खौफ है। अकेले धड़ोग मोहल्ले में ही तीन दिन में 70 मामले आ चुके हैं, ऐसे में जत्थे का गई गावों से गुजरना और मंदिरों तक पहुंचना चिंता का विषय बना है और लोगों में इसपर रोष है। इस बारे में डीसी और डीपीआरओ चंबा से लिखित में जानकारी लेनी चाही, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला।
कोरोना फैला तो प्रशासन जिम्मेवार
संचूई पंचायत प्रधान अंजना देवी ठाकुर ने बताया कि जम्मू से आए श्रद्धालु कई गांवों के बीच से होते हुए भरमाणी माता मंदिर गए और उसी रास्ते से चौरासी पहुंचे। ऐसे में यदि कोई संक्रमित होता है और कोरोना फैलता है तो जिम्मेवार कौन होगा? वहीं सदर भरमौर पंचायत प्रधान सुलोचना कपूर का कहना है कि प्रशासन ने चौरासी मंदिर आम भक्तों के लिए तो बंद रखा है, जबकि बाहरी राज्य से आने वाले श्रद्धालुओं को वहां ठहराया जा रहा है। यदि कोरोना फैला तो इसका जिम्मेवार प्रशासन होगा।
पंद्रह को ही डल जाने की मंजूरी
एसडीएम मनीष सोनी ने कहा कि प्रशासन ने जत्थे को मंजूरी दी है। जन्माष्टमी स्नान को डोडा से आए पंद्रह लोग ही डल तक जाएंगे। शेष ने कहा कि वे सभी गाड़ी करके साथ आए हैं और वापस भी इकट्ठे जाएंगे। इसलिए अन्य श्रद्धालुओं को ठहराने की व्यवस्था की जाएगी।