हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक बेटे का पिता होने के बाद भी बेटी की चाह रखने और उसका जीवन संवारने के लिए बाड़ी गांव के व्यक्ति ने यह सोच कर तीन माह पहले बच्ची को गोद लिया, लेकिन उसका सपना अधूरा ही रह गया।
घुमारवीं उपमंडल की पडयालग पंचायत के बाड़ी गांव के 38 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना के कारण मौत हो गई। मृतक का 12 वर्ष का बेटा है। तीन महीने पहले ही मृतक ने एक बच्ची को गोद लिया था। अब उस बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया।
पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों की जिम्मेदारी मां पर आ गई है। मृतक की पत्नी गृहिणी है, परिवार में सास और अमन के बड़े भाई का परिवार है, लेकिन वो अलग रहते हैं। अब बिना किसी आमदनी के दोनों बच्चों का पालन पोषण अकेले करना मृतक की पत्नी के लिए आसान नहीं होगा।
पत्नी का कहना है कि वो उसके पति की हर जिम्मेदारी को निभाएगी। दोनों बच्चों का पालन पोषण वैसे ही करेगी जैसे पति ने सोचा था। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि अमन अपने परिवार के साथ बहुत खुश था।