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एचपीयू की कॉन्वोकेशन सेरेमनी में पहुंचे दलाईलामा

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हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के 21वें दीक्षांत समारोह में बौध धर्मगुरु दलाईलामा ने मेधावियों को सम्मानित किया। 194 को पीएचडी और 123 छात्रों को स्वर्ण पदक से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल उर्मिला सिंह ने की।
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राज्यपाल और विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, इसके बाद राष्ट्रीय गान हुआ। राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है, जो देश को आगे ले जाने में सक्षम है। उन्होंने समाज को जागरूक करने के लिए युवाओं का आगे आने का आह्वान किया।

कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि विवि में जल्द अंतरराष्ट्रीय सेमिनार होगा। प्रो. वाजपेयी ने कहा कि दलाईलामा विश्व शांति के अग्रदूत हैं

इन्हें भी दी गई उपाधि

नोबेल पुरस्कार विजेता डा. आरके पचौरी को डीएससी की उपाधि से अलंकृत किया गया।  इसके अलावा विवि ने इतिहासविद प्रो. एसआर मेहरोत्रा को मानद डी- लिट की उपाधि, डा. प्रियदर्शिनी आर. कालेरा को चिकित्सा विज्ञान संकाय में विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि दी गई।
सही वक्त पर नए धर्मगुरु का फैसला

धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि सही समय पर नए धर्मगुरु पर फैसला होगा। धार्मिक नेताओं ने 15वें धर्मगुरु के विषय पर 2012 में चर्चा की थी। अभी अगले गुरु के बारे में चर्चा जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा कि मैं अभी 79 साल का हूं और 90 का होने तक इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।

चीन से जुड़े सवाल टाल गए धर्मगुरु

दलाईलामा चीन-तिब्बत के संबंधों और भविष्य को लेकर पूछे गए कई सवालों को टाल गए। बोले,  मैं कुछ नहीं कहूंगा। ये राजनीतिक प्रश्न हैं, इसे राजनीतिक लोगों से ही पूछें तो बेहतर होगा। मैं राजनीति के से भार मुक्त हो गया हूं।

वर्तमान में सिर्फ धर्म के लिए ही कार्य कर रहा हूं। दलाईलामा ने सलाह दी कि मीडिया को हर तथ्य को जांच परख कर परोसना चाहिए।

धर्म, विश्व शांति को बनाए रखने में मीडिया का अहम रोल है, इसलिए मीडिया को तथ्यों को पूरा खंगालने और अपने स्तर पर इसकी छानबीन करने के बाद ही पेश करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नालंदा परंपरा के छात्र होने के नाते वे हमेशा सुखी जीवन जीने और शांति का संदेश देते रहे हैं। उन्होंने खुद को आधुनिक नहीं बल्कि पौराणिक भारत का प्रशंसक बताया।
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ये रहे समारोह में मौजूद

प्रो. केजी श्रीवास्तव पूर्व कुलपति इलाहबाद विश्वविद्यालय, प्रो.जेएल कौल, कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन प्रो. एसआर मेहरोत्रा समारोह में उपस्थित थे।

इसके अलावा राष्ट्रीय जनजाति आयोग अध्यक्ष रवि ठाकुर, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, विवि कार्यकारिणी परिषद सदस्य बंबर ठाकुर, चंद्रशेखर, शिक्षा निदेशक डा. शशिभूषण सेखरी, चौधरी वरयाम सिंह बैंस,  डा. केपी ठाकुर, डा. एसएस कौशल, प्रो. डीसी गौतम, प्रो. एसके शर्मा उपस्थित रहे।

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