विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत जारी बजट को भी विवि प्रशासन अपने स्तर पर खर्च नहीं कर पाएगा। काउंसिल के गठन के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश को बजट लाने का प्रावधान रहेगा।
इसके खर्च पर भी काउंसिल की नजर रहेगी। इससे पूर्व विवि अनुदान आयोग और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत बजट लाने और खर्च करने का काम सीधा विवि प्रशासन के पास होता था।
इन संस्थानों पर निगरानी रखेगी काउंसिल
दस से 15 सदस्यों वाली हिमाचल प्रदेश हायर एजूकेशन काउंसिल के तहत शिक्षण संस्थानों में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट गठित होंगी। स्वास्थ्य शिक्षा, इंजीनियरिंग शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा, आर्किटेक्चर शिक्षा, विधि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा देने वाले शिक्षण संस्थानों को भी काउंसिल के दायरे में लाया जाएगा।