केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के बावजूद किसानों को सहकारी बैंकों में क्रेडिट कार्ड और पुराने नोटों पर बीज खरीद की छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। बैंकों और बीज विक्रय केंद्रों में बुधवार तक सरकारी आदेश नहीं पहुंचे हैं।
हिमाचल के कांगड़ा, मंडी, सोलन, ऊना, कुल्लू और हमीरपुर के किसान-बागवान बैंकों और बीज केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे हैं। जिला कांगड़ा में किसानों को 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट पर बीज खरीदने की सुविधा नहीं मिल रही है।
सहकारी सभाएं डिप्टी रजिस्ट्रार सुधीर कटोच ने बताया कि पुराने नोट से बीज खरीद की अधिसूचना नहीं पहुंची है। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के जीएम सतवीर मिन्हास ने बताया कि बैंक को 500, 1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकार करने पर रोक अभी भी जारी है।
बीज तो है लेकिन पुराने नोट पर देने को तैयार नहीं
सहकारी सभाओं में बेशक किसानों को पुराने नोट देकर बीज खरीदने की केंद्र ने छूट दी है, लेकिन सूबे के सबसे बड़े सहकारी बैंक केसीसी में रिजर्व बैंक की ओर से इस बाबत कोई अधिसूचना नहीं पहुंची है। सोलन में स्थित जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक में भी अधिसूचना न मिलने का हवाला दिया जा रहा है।
क्रेडिट कार्ड पर भी किसानों को 24 हजार की निकासी सीमा का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के पास बीज की खरीद के लिए पैसे तक नहीं हैं। जिला कुल्लू में भी सहकारी बैंकों से किसान-बागवान निराश लौट रहे हैं। ऊना और बिलासपुर जिला में भी किसान क्रेडिट कार्ड का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। पुराने नोट से बीज और खाद खरीद की अधिसूचना हमीरपुर के बैंकों के पास भी नहीं पहुंची है।
बैंक में कैश की कमी, खाली हाथ लौट रहे किसान
राज्य सहकारी बैंक में भले ही सरकार की अधिसूचना पहुंच गई है, लेकिन बैंक को पर्याप्त कैश नहीं मिलने से व्यवस्था डगमगा गई है। भारतीय स्टेट बैंक से राज्य सहकारी बैंक को रोज 20 से 25 लाख ही मिल रहे हैं।
राज्य सहकारी बैंक लिमिट के अनुसार किसानों को खाद के लिए 24 हजार की राशि एकमुश्त नहीं दे पा रहा है। किसानों और बागवानों को चार-पांच हजार रुपये की राशि ही दी जा रही है।