नोटबंदी से किसानों पर बड़ी मुसीबत आ गई है। महीनों की कड़ी मेहनत के बाद फसल बेचने मंडी पहुंचे किसानों पर नोटबंदी की मार पड़ने लगी है। मजबूर किसान भविष्य में कम पैदावार करने की सोच रहे हैं।
हिमाचल के ऊना में आलू की बंपर पैदावार पर इस बार नोटबंदी की मार पड़ रही है। नवंबर व दिसंबर माह में अच्छे दाम मिलने की चाहत के सपने संजोए किसानों के आलू मिट्टी के भाव बिक रहे हैं। सब्जी मंडियों में आढ़तियों ने भी पुराने करेंसी नोटों से तौबा कर दी है, जिसके कारण किसानों को सब्जियों के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में किसानों को खेतों में लगाई हुई फसलों का खर्चा पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। सब्जी मंडियों में आलू के खरीदार न मिलने से आलू का मूल्य धड़ाम से नीचे गिर गया है। सब्जी मंडी में 1500 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला आलू 400 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है जिससे किसानों को आर्थिक मंदी झेलनी पड़ रही है।