हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के टेवर्न हॉल में बुधवार को कारीगरों का मेला शुरू हुआ। इसमें मणिपुर के काले पत्थर से बने कप और प्लेट आकर्षण का केंद्र बने हैं। इनका मूल्य 300 से 800 रुपये तक निर्धारित किया गया है। मणिपुर के कारीगर रॉबिन शर्मा ने बताया कि मणिपुर में काला पत्थर अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसका इस्तेमाल लोग बर्तन बनाने के लिए करते हैं। कप बनाने के लिए पहले काले पत्थर को पीसकर पाउडर बनाया जाता है। इसके बाद इसमें पानी मिलाकर कब और प्लेट का आकार दिया जाता है और आग के अंदर सेट होने के लिए रखा जाता है। इसके अलावा मेले में शॉल, स्टॉल, साड़ी, मफलर, जैकेट और बैग सहित अन्य सामान भी प्रदर्शित किया गया है। इनका मूल्य 500से 10,000 रुपये तक है। 23 दिसंबर तक चलने वाले इस मेले में नौ स्टॉल लगाए गए हैं। मेले में मणिपुर सहित नगालैंड, जम्मू-कश्मीर, बनारस, हिमाचल प्रदेश, हैदराबाद और मध्य प्रदेश के सटॉल लगाए गए हैं।