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गुरु पूर्णिमा का 29 को, शुभ मुहूर्त सुबह 5:41 से 9:47 बजे तक

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28 जुलाईशाम 6:18 बजे शुरू हो जाएगी पूर्णिमा तिथि
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व इस वर्ष 29 जुलाई को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व आध्यात्मिक और शैक्षणिक गुरुओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
सनातन परंपरा के साथ-साथ बौद्ध और जैन धर्म में भी इस दिन का विशेष महत्व है। गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई को शाम 6:18 बजे शुरू हो जाएगी और 29 जुलाई की रात को 8:05 बजे समाप्त होगी। वहीं चंद्रोदय रात्रि 7:21 बजे होगा। 29 जुलाई को गुरु पूजन का सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त सुबह 5:41 बजे से 9:47 बजे तक रहेगा। इस अवसर पर श्रद्धालु अपने गुरुओं का पूजन करेंगे, उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और ध्यान, जप, सत्संग और आध्यात्मिक साधना करेंगे। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
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मान्यता है कि इसी दिन महाभारत, पुराणों और वेदों के संकलनकर्ता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। ज्ञान परंपरा के संवाहक होने के कारण उन्हें मानव समाज का प्रथम गुरु माना जाता है। गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक अनुष्ठान का दिन नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान देने वाले प्रत्येक गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। योग परंपरा के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने आदियोगी के रूप में सप्तऋषियों को योग का प्रथम उपदेश दिया था। वहीं बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान गौतम बुद्ध ने सारनाथ में अपना पहला धर्मोपदेश भी इसी दिन दिया था। यही कारण है कि यह तिथि विभिन्न आध्यात्मिक परंपराओं में विशेष श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।
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