देश भर में टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। इसलिए व्यापारियों ने सस्ते टमाटर की तलाश में 'मिनी पंजाब' में डेरा जमा लिया है। 'मिनी पंजाब' के नाम से मशहूर हिमाचल के मंडी जिले की बल्ह घाटी में टमाटर की इस बार बंपर पैदावार है। यहां 800 हेक्टेयर भूमि पर किसान टमाटर की पैदावार करते हैं।
बंपर फसल को देखते हुए अब जम्मू, राजस्थान, हरियाणा, देहरादून और पंजाब के थोक व्यापारियों ने यहां डेरा डाल दिया है। घाटी से प्रतिवर्ष करीब 70 करोड़ रुपये का टमाटर बाहरी राज्यों की मंडियों में जाता है। बल्ह घाटी के राजगढ़, स्टोह, कैहड़, चवाड़ी, खांदला, कुम्मी, नलसर, डीनक, ढाबण, कनैड, साई, नेरचौक, स्योहल, सीन, नागचला में टमाटर की बंपर पैदावार हुई है।
टमाटर के अलावा हिमाचल के हरे मटर की भी मुंबई और गुजरात में भारी डिमांड है। किसानों को इसके चोखे दाम मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों के व्यापारियों ने मंडी जिले की टकोली सब्जी मंडी में डेरा जमा दिया है। मटर के साथ प्लम का सीजन भी शुरू हो गया है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान की मंडियों के लिए प्लम जा रहा है।
600-700 रुपये मिल रहे क्रेट के दाम
थोक सब्जी विक्रेता अनिल सैणी, नंदलाल सैणी ने कहा कि पूरे भारत को रोजाना ढाई सौ से तीन सौ छोटे-बड़े वाहन टमाटर लेकर जा रहे हैं। किसानों को 20 से 22 किलो क्रेट के दाम 600 से 700 रुपये तक मिल रहे हैं। चमनलाल, डिंपल सैणी, मदन, रमेश ठाकुर, राजगढ़ से कुलदीप, रिंपू कोहली, खयूरी से परमदेव भारती, सोनू धलारिया, कुम्मी से जयराम सैणी, नंद लाल सैणी, जोगीराज, राकेश
ठाकुर, राजकुमार राजू, अन्ना, विनय सैणी, छोटूराम का कहना है कि राजगढ़ क्षेत्र में 70 प्रतिशत लोग टमाटर की पैदावार करते हैं। कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ एनएस नायक ने कहा कि टमाटर की अच्छी फसल के लिए उत्पादकों को उच्च किस्म के बीज, कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए।