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Shimla News: आईजीएमसी में दो दिन से सीटी स्कैन टेस्ट बंद, मरीज हैं परेशान

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आपातकालीन सेवा हो रही है प्रभावित
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दूसरी मशीन पर बढ़ा दवाब, लग रही मरीजों की कतारें

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला के नए ओपीडी भवन में लगी सीटी स्कैन मशीन दो दिन से खराब पड़ी है। तकनीकी खराबी के चलते यह मशीन वीरवार को भी बंद रही। इससे अस्पताल में उपचार के लिए आए सैकड़ों मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थिति वाले मरीजों को हो रही है।

नए ओपीडी भवन में लगी यह आधुनिक मशीन रोजाना 40 से ज्यादा मरीजों की जांच करती थी। लेकिन अब सीटी स्कैन के लिए सभी मरीजों को पुराने भवन की 16 साल पुरानी मशीन पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यह मशीन पहले ही अत्यधिक लोड पर चल रही थी, अब उस पर ओपीडी और इमरजेंसी दोनों का दबाव आ गया है। इससे मरीजों की लंबी लाइनें लग रही हैं और गंभीर रोगियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, आंतरिक खून बहना या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं में सीटी स्कैन की तुरंत आवश्यकता होती है। ऐसे में मरीजों को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर में पुराने भवन तक ले जाना पड़ रहा है, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है बल्कि मरीजों की हालत बिगड़ने का भी खतरा रहता है।
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मशीन बंद होने के कारण कई मरीज अब मजबूरी में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख कर रहे हैं। शिमला में सीटी स्कैन की दरें निजी लैबों में 3500 रुपये से लेकर 7000 रुपये में होता है। दूरदराज से आए कई मरीजों को या तो जांच टालनी पड़ रही है या उधार लेकर निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। दो दिन से सेवा बंद होने के बावजूद अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। मशीन के ठीक होने की कोई तय समय सीमा भी नहीं है। ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान की यह लापरवाही न केवल व्यवस्थागत विफलता को उजागर करती है, बल्कि गरीब मरीजों की जान को भी खतरे में डाल रही है।
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