सेब और आम फलों के फसल बीमा को भारतीय निर्वाचन आयोग ने हरी झंडी दे दी है। इससे राज्य के हजारों बागवानों को राहत मिली है।
प्रदेश के 27 ब्लॉकों के तहत चल रही इस योजना में बागवानों के बगीचों में फलदार पौधों का बीमा करने के लिए अब प्रीमियम लेना शुरू कर दिया गया है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता लगी होने के कारण यह योजना बीच में रुकी पड़ी थी। राज्य बागवानी विभाग ने आयोग से अनुरोध किया था कि इस बीमा योजना को चालू रखने के लिए अनुमति दी जाए।
वर्तमान में मौसम आधारित फसल बीमा योजना प्रदेश के 17 ब्लॉकों में चल रही है। ये ब्लॉक शिमला जिले के ठियोग, कोटखाई, चौपाल, रामपुर, ननखड़ी, नारकंडा, रोहडू्, चिड़गांव, कुल्लू जिले के आनी, निरमंड, नग्गर, बंजार, किन्नौर जिले का निचार, चंबा जिले के तीसा, सलूणी, मंडी जिले के करसोग और जंजैहली हैं।
आम के फसल बीमा के तहत ऊना जिले का अंब, बिलासपुर जिले का सदर, सिरमौर जिले का पांवटा साहिब, कांगड़ा जिले के इंदौरा, फतेहपुर, नगरोटा सूरियां, नूरपुर, हमीरपुर जिले के बमसन, हमीरपुर और नादौन ब्लॉक शामिल किए गए हैं।
पिछले साल 41 हजार 331 बागवानों ने फसल बीमा किया था। इनमें ऋणी और गैर ऋणी सभी तरह के बागवान शामिल रहे हैं।