नगर परिषद नालागढ़ में बगावती खेमे का साथ देने वाली उपाध्यक्ष के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा। अब उपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी बचाना भी मुश्किल लग रहा है। 27 फरवरी को पूर्व नप अध्यक्ष के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव में पांच पार्षदों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका उपाध्यक्ष एवं वार्ड सात की पार्षद सरोज शर्मा ने निभाई थी।
लेकिन जब अध्यक्ष का चयन किया तो उपाध्यक्ष का इसमें कोई रोल नहीं रहा। बल्कि चार पार्षदों ने एक अन्य पार्षद को अपने समर्थन में ला खड़ा किया और अध्यक्ष की कुर्सी हासिल कर ली है। ऐसे में जहां पूर्व नप अध्यक्ष की कुर्सी छीन गई वहीं अब उपाध्यक्ष पद में भी बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
कारण अब पांच पार्षदों की एकजुटता से यह संभव माना जा रहा है कि उपाध्यक्ष के खिलाफ वह भी अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। नगर निकाय चुनाव के बाद से किसी भी खेमे से अपनी दूरियां बनाए रखने वाली वार्ड छह की पार्षद नीलम खुल्लर ने अध्यक्ष के चुनाव में महत्वपूर्ण रोल निभाया है। नगर निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की गुटबाजी शुरू हो गई, जिससे नीलम खुल्लर दूर रहीं।
पूर्व अध्यक्ष महेश गौतम, उपाध्यक्ष सरोज शर्मा, पवन कुमार, नीरू शर्मा, आशा गौतम ने एकजुटता दिखाई और कसमें खाने के बाद महेश गौतम को अध्यक्ष और सरोज शर्मा को उपाध्यक्ष बनाया था. लेकिन इसमें से ही उपाध्यक्ष सरोज शर्मा ने बगावत कर दी।
वह पार्षद मनोज वर्मा, अल्का वर्मा, धर्मेंद्र राणा, पवन कुमार के साथ मिलीं और पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। इसके बाद पूर्व अध्यक्ष ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही अपना त्यागपत्र दे दिया था।
माना जा रहा था कि इन पांचों की एकजुटता बनी रहेगी लेकिन अंतिम समय में चार पार्षदों ने वार्ड-6 की पार्षद को अपने पाले में खींच लिया और उपाध्यक्ष के साथ दूरियां बना लीं।
तो क्या नीलम खुल्लर को मिलेगा इनाम
कयास लगाए जा रहे हैं कि पुराने गठबंधन टूटने के बाद अब नए सिरे से हुई एकजुटता से नीलम खुल्लर द्वारा अध्यक्ष पद के चयन में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के एवज में उन्हें क्या इनाम मिलेगा।
इसे लेकर शहर में चरचाओं का बाजार गर्म है। सियासी जानकारों का कहना है कि अब नए गठबंधन के तहत पांच पार्षदों के एकजुट होने के बाद उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा है। ऐसा हुआ तो नीलम खुल्लर की उपाध्यक्ष पद की लाटरी खुल सकती है।
मनोज वर्मा के हाथ अब नालागढ़ नप की कमान
नगर परिषद नालागढ़ को तीन माह की जद्दोजहद के बाद अध्यक्ष मिल ही गया। वार्ड नौ के पार्षद मनोज वर्मा को अध्यक्ष चुना गया। मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में पूर्व अध्यक्ष महेश गौतम और नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज वर्मा ने नामांकन दाखिल किए थे। इसमें पूर्व अध्यक्ष महेश गौतम ने अपना नाम वापस ले लिया और मनोज वर्मा को अध्यक्ष चुना गया।
अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया के तहत मनोज वर्मा अपने समर्थकों के साथ मिनी सचिवालय परिसर पहुंचे जहां पूर्व विधायक लखविंदर राणा सहित उनके समर्थक वहां आ पहुंचे थे। 11 बजे नामांकन प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम नालागढ़ की अध्यक्षता में शुरू हुई। इस दौरान नगर परिषद के ईओ सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले पार्षद मनोज वर्मा, अल्का वर्मा, धर्मेंद्र राणा, पवन कुमार और नीलम खुल्लर पहुंचे जो सभागार में एक ओर बैठ गए। थोड़ी देर बाद पूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद महेश गौतम, नीरू शर्मा, आशा गौतम और उपाध्यक्ष सरोज शर्मा भी वहां आ गए जो दूसरी ओर बैठ गए। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर मनोज वर्मा का नाम धर्मेंद्र राणा और नीलम खुल्लर ने प्रस्तुत किया।
दूसरी ओर से महेश गौतम का नाम अध्यक्ष पद के लिए नीरू शर्मा और आशा गौतम ने प्रस्तुत किया। नामांकन भरने के बाद इसके वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हुई तो महेश गौतम ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसी तरह एक ही नामांकन शेष रहने के बाद मनोज वर्मा को अध्यक्ष चुन लिया गया।
अध्यक्ष पद के लिए पांच और चार पार्षदों के बीच में नामांकन प्रक्रिया हुई। इसमें मनोज वर्मा के पक्ष में पांच और महेश गौतम के पक्ष में चार पार्षद खड़े थे। ऐसे में मनोज वर्मा के अध्यक्ष बनने की पहले ही प्रबल संभावनाएं जताई गई थीं। पूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद महेश गौतम ने इसी के चलते अपना नामांकन वापस ले लिया और मनोज वर्मा की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो गई।
उपाध्यक्ष के समर्थन की नहीं पड़ी जरूरत
नगर परिषद नालागढ़ के तहत आने वाले नौ वार्डों के तहत 5 पार्षदों ने पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ 27 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इनमें वार्ड नंबर दो से पार्षद धर्मेंद्र राणा, वार्ड तीन से पवन कुमार, वार्ड पांच से अल्का वर्मा, वार्ड सात की पार्षद एवं मौजूदा उपाध्यक्ष सरोज शर्मा और वार्ड नौ से पार्षद मनोज वर्मा शामिल रहे। करीब तीन माह बाद जब अध्यक्ष का चयन हुआ तो पार्षद नीलम खुल्लर ने मनोज वर्मा का समर्थन कर दिया।
शहर का विकास है सर्वोपरि
नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि यह पहले से ही तय था कि जो अध्यक्ष बनेगा वह शहर के विकास में सहयोग करेगा। शहर का विकास सर्वोपरि है। परिषद के तहत शहर के चल रहे विकास कार्यों को गति दी जाएगी। नई योजनाएं तैयार
करके शहर का बिना किसी भेदभाव के समुचित विकास किया जाएगा। इसे मॉडल शहर का रूप दिया जाएगा। नप के कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा ने कहा कि अध्यक्ष का चयन कर लिया है और यह चुनाव नोटिफाई होगा। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके बाद परिषद की बैठक भी बुलाई जाएगी।
अध्यक्ष पद हो गया चयन
निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने कहा कि अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया में दो नामांकन आए थे जिसमें से एक ने नामांकन वापस कर लिया जिस पर मनोज वर्मा को अध्यक्ष चुने गए।