इसे लेकर अरुण देव बिष्ट की याचिका में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सतर्कता विभाग को जांच करने के आदेश दिए थे। किशन कपूर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की सूरत में हाईकोर्ट ने अरुण देव बिष्ट की याचिका का 30 दिसंबर, 2013 को निपटारा कर दिया था।
प्रार्थी ने याचिका में आरोप लगाया है कि सतर्कता विभाग ने उसकी आपत्ति को सुने बगैर ही न्यायालय के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, जबकि कानूनन क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने से पूर्व प्रार्थी को सुना जाना अति आवश्यक था।
हाईकोर्ट ने मामले पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान सत्र न्यायाधीश वन की अदालत से एफआईआर नंबर 9/ 2013 को बंद करने संबंधी तमाम रिकॉर्ड को हाईकोर्ट के समक्ष तलब कर लिया है।