14 जून 2014 की शाम को चार साल के युग का अपहरण हो गया था।
- फोटो : फाइल फोटो
दो साल पहले राजधानी के राम बाजार क्षेत्र से संदिग्ध हालात में गायब हुए चार साल के युग गुप्ता मामले में सीआईडी हवा में तीर चला रही है। 14 जून को सीआईडी ने मामले में राम बाजार के ही दो लोगों को युग के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से सीआईडी लगातार इनको रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है लेकिन न तो बच्चे का पता लगा सकी है और न ही अब तक किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई है।
हालांकि, सीआईडी का पूरा जोर इस बात पर जरूर है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट से कोई राहत न मिल सके। वहीं, आरोपियों के पकड़े जाने के बावजूद अब तक बेटे का सुराग न लगने से परिवार भी मायूस है। परिजनों को समझ नहीं आ रहा है कि वह आखिर क्या करे। दरअसल, सीआईडी ने जब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था उस समय दो साल बाद एक बार फिर परिवार के मन में युग के
मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन गिरफ्तारी के बाद से अब तक सीआईडी ने न तो परिवार को बच्चे के बारे में कुछ बताया है और न ही कोर्ट में बच्चे की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की है।
हर तीसरे दिन बेल एप्लाई कर रहे आरोपी
क्राइम
- फोटो : demo
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सीआईडी बच्चे के गायब होने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के बीच की हर कड़ी को जोड़ने में लगी है। कोशिश है आरोपियों के खिलाफ मिले सबूतों को वैज्ञानिक आधार के साथ कोर्ट में पेश किया जाए ताकि अपहरण के आरोपियों को सख्त सजा मिल सके। एसपी सीआईडी वीके धवन ने कहा कि फिलहाल हम जांच कर रहे हैं और उम्मीद है कि दो तीन दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।
सीआईडी के अधिकारी एक तरफ आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने में लगे हैं। वहीं, आरोपी भी हर तीसरे दिन रिमांड से बचने और बाहर आने के लिए बेल एप्लीकेशन दे रहे हैं। धवन ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि आरोपी किसी सूरत में बाहर न आ सके क्योंकि बाहर आने पर वह जांच में व्यवधान पैदा कर सकते हैं।
पड़ोस के हैं दोनों आरोपी
सीआईडी ने इस मामले में जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वह शिमला के ही रहने वाले हैं। चंद्र प्रकाश वकालत करता है जबकि दूसरे आरोपी तेजेंद्र पाल की राम बाजार में ही दुकान है। दोनों को सीआईडी कुछ समय पहले नार्को टेस्ट कराने के लिए लेकर अहमदाबाद गई थी जहां दोनों ने ही टेस्ट कराने के दौरान जमकर हंगामा किया और दोनों को लेकर सीआईडी बैरंग वापस लौट आई थी। इसी के बाद सीआईडी ने शक के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।