शहर की स्मार्ट पुलिस ने शनिवार रात को ढली चौक पर तांडव मचाया। आरोप है कि पुलिस जवान ने ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल को रिवाल्वर से धमकाया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।
हाथापाई हुई और मामला और उलझ गया। मामले में दो और पुलिस जवान भी कूद पड़े। वारदात की सूचना देने के लिए पुलिस अफसरों को फोन घनघनाने लगे। इनमें से एफआईआर में नामजद दो आरोपी जिला पुलिस अफसरों की सरकारी गाड़ियां भी चलाते हैं।
वह वारदात के समय ये रामपुर से शिमला लौट रहे थे। जानकारी मिलने के बाद उच्च अफसरों ने तत्काल आरोपियों के खिलाफ थाना ढली में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
पुलिस को दी शिकायत में कांस्टेबल धीरज ने कहा कि वह और एचएचसी विकास रात्रि गश्त पर थे। ढली चौक पर उन्हें एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमता हुआ दिखाई दिया। इसी दौरान तीन गाड़ियां ठियोग की तरफ से आईं।
इनमें से एक गाड़ी से ज्योति नाम का व्यक्ति गाड़ी से नीचे उतरा और कहने लगा कि उक्त व्यक्ति से क्यों पूछताछ कर रहे हो। ज्योति ने गाली गलौज शुरू कर दी।
गाड़ी से राजीव राजटा और दिनेश भी उतरे। उन्होंने रिवाल्वर से धमकाया और मारपीट की। जान से मारने की धमकी भी दी। ढली पुलिस का कहना है कि सभी का मेडिकल करवाया गया है। इसमें आरोपी पक्ष भी पुलिस महकमे में ही कार्यरत है।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन
डीएसपी (हेडक्वार्टर) रामलाल बंसल ने कहा कि शनिवार को उनका स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं था इसलिए वह घर पर रेस्ट कर रहे थे। एसएचओ ढली ने उन्हें मामले की जानकारी नहीं दी है।
उधर, एसएचओ पीडी ठाकुर ने कहा कि वह मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं है। इसलिए डीएसपी से ही बात करें। उन्होंने कहा कि एफआईआर हुई है। इससे अधिक वह कुछ नहीं बता सकते।
इसलिए विवाद
बताया जा रहा है कि जब दोनों पुलिस कर्मचारी संदिग्ध से पूछताछ कर रहे थे तो इससे ट्रैफिक जाम लग रहा था। गाड़ी से उतरने वाले शख्स ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से कहा कि सख्ती से क्यों पूछताछ कर रहे हो?
इस बात पर विवाद हुआ। मौके पर डीएसपी रैंक के एक अफसर भी मौजूद थे। सभी रामपुर से शिमला की ओर लौट रहे थे।
पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां भी चलाते हैं दो आरोपी रात्रि गश्त पर थाने में ढली थाना के जवान, युवक से हो रही थी पूछताछ