रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार आईपीएच के जेई तथा एसडीओ की संपत्ति से संबंधित रिपोर्ट शुक्रवार को माननीय उच्च न्यायालय में रखी जाएगी। सीआईडी की टीम जांच रिपोर्ट न्यायालय में रखेगी।
इसमें गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों की संपत्ति लेकर छानबीन की गई है। माननीय उच्च न्यायालय ने गिरफ्तार कर्मचारियों की जमानत याचिका को खारिज करते हुए सीआईडी को संपत्ति खंगालने के आदेश दिए थे, और रिपोर्ट तलब की थी।
इसके अलावा अन्य जानकारी भी मिली है। तथ्यों को पुख्ता करने के लिए विभाग एसडीओ से संपत्ति का सोर्स पूछेगा और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ होगी।
चंडीगढ़ में फ्लेट, मनाली में प्लॉट
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर एसडीओ और उसके परिजनों के नाम लाखों रुपये की संपत्ति की बात सामने आई है। सीआडी ने एसडीओ के संपत्ति के कागजों, बैंक खातों को बी खंगाला है।
जांच के दौरान चंडीगढ़ में फ्लैट परिजनों के नाम, मनाली तथा हमीरपुर में दो प्लाट अपने स्वयं के नाम, परिजनों के नाम बैंक में एफडी और आरडी सामने आई है।
उधर, डीएसपी सीआईडी मनोहर लाल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों पर समस्त तथ्यों को खंगाला गया है, पुलिस न्यायालय में जांच रिपोर्ट रखेगी। उसके पश्चात न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई होगी। रिपोर्ट का खुलासा न्यायालय में ही होगा।
40 हजार रुपये लेने के बाद पकड़ा था
सीआईडी की टीम ने आईपीएच विभाग सरकाघाट में कार्यरत एसडीओ तथा जेई को भोरंज के केसीसी बैंक में ठेकेदार से 40 हजार की रिश्वत लेने के बाद गिरफ्तार किया था।
दोनों कर्मचारी रिश्वत के पैसे हासिल करने के लिए सुबह सवेरे ही ठेकेदार के घर आ धमके थे, और पैसे लेने तक अपने साथ गाड़ी में लेकर घूम रहे थे।
ठेकेदार को 25 हजार रुपये का कार्य आवंटित हुआ था, लेकिन मिलीभगत से भुगतान करीब एक लाख रुपये का करवाया गया था। जिस पर दोनों कर्मचारी 55 हजार रुपये की राशि मांग रहे थे, ठेकेदार ने 15 हजार रुपये की राशि का बुगतान पहले ही कर दिया था।