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हादसे में जिंदा जले शिमला के दो युवक

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धर्मशाला से चंडीगढ़ होकर दिल्ली जा रही हिमाचल परिवहन निगम की तेज रफ्तार वोल्वो बस और स्विफ्ट कार के बीच शुक्रवार रात दो बजे सेक्टर 45/46 के लाइट प्वाइंट पर टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही कार आठ फुट ऊपर उछलकर नीचे गिरी और उसमें आग लग गई। आग लगने से कार में सवार शिमला के कैथू निवासी गौरव गर्ग, बलरूप सिंह जिंदा जल गए। ये मोहाली के लांडरां कॉलेज के छात्र थे।
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पढ़ें, बेटों की मौत के बाद मातम का माहौल
कार में सवार रेवाड़ी के रहने वाले दीपांशु की भी मौत हो गई। इसके साथ ही वोल्वो भी टक्कर होने के बाद तीन बार पलटी। बस की छत पिचकने से यूके निवासी दंपति उसके नीचे दब गए। हादसे में 15 अन्य यात्री भी जख्मी हुए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार में लगी आग बुझाने की कोशिश की।

फायर ब्र्रिगेड कर्मचारियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। टक्कर लगने से कार की सभी खिड़कियां जाम हो गईं। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर तीन छात्रों के शवों को कार से बाहर निकाला और उन्हें सेक्टर-16 जनरल अस्पताल ले गए।
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आधे घंटे तक तड़पते रहे दंपति

मृतक छात्रों की पहचान शिमला के कैथू निवासी गौरव गर्ग, बलरूप सिंह और रेवाड़ी के दीपांशु के रूप में हुई। तीनों लांडरां कालेज में पढ़ते थे। क्रेन और लोगों की मदद से दंपति को भी बस के नीचे से निकाला। आंधे घंटे तक दंपति तड़पते रहे।

दंपति को पीजीआई पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। धर्मशाला से चंडीगढ़ जा रहे एनआरआई दंपति की पहचान रुपेश और पत्नी कविता के रूप में हुई। उनकी गोद में उनकी एक साल की बेटी अनन्या भी थी। वह भी हादसे में घायल हो गई। उसका इलाज जीएमसीएच-32 में चल रहा है।

बस ड्राइवर गिरफ्तार
सड़क हादसे में कुल 15 यात्री घायल हुए हैं। जिनके उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने बस चालक दिल्ली के सुरिंदर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे हुआ हादसा

घटना शुक्रवार रात 2:10 मिनट की है। हिमाचल रोडवेज की वोल्वो बस यात्रियों को धर्मशाला से लेकर चंडीगढ़ सेक्टर 43 बस स्टैंड से होकर दिल्ली जा रही थी। सेक्टर 45/46 के लाइट प्वाइंट पर स्विफ्ट गाड़ी मोहाली से सेक्टर 45 जा रही थी। जैसे ही स्विफ्ट गाड़ी लाइट प्वाइंट पर पहुंची तो उसे तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी।

टक्कर लगते ही स्विफ्ट गाड़ी उछली और नीचे आकर गिरी। इस दौरान कार में आग लग गई और गाड़ी में बैठे तीन छात्र दीपांशु, गौरव गर्ग और बलरूप जिंदा जल गए। चश्मदीद राजेश ने बताया कि टक्कर के बाद बस तीन से चार बार पलटी। इस दौरान बस की छत पिचकने से उसके अंदर बैठे एनआरआई दंपति की मौत हो गई। वहीं उनकी मासूम बच्ची बस की सीटों के अंदर फंस गई। उसे भी काफी चोट आई है।

आधे घंटे बाद पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद डीएसपी बीएस चड्डा, डीएसपी ट्रैफिक, इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला समेत अन्य फोर्स मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आते ही लोगों को बचाने के लिए अभियान चलाया। आधे घंटे के बाद सभी यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया गया।

स्विफ्ट गाड़ी को काटकर निकाले गए शव

कांगड़ा के गांव जवाहर नगर के 34 वर्षीय नरेश कुमार, कांगड़ा के ही गांव जोरट के 27 वर्षीय धीरज बरारिया, कांगड़ा स्थित गांव डेरा की 39 वर्षीय रिचा, कांगड़ा के गांव डेरा की 35 वर्षीय पुनीत प्रमार, उनकी एक साल की बच्ची इलीना, कांगड़ा के शाम नगर निवासी दीपिका, कांगड़ा के शाम नगर की मीरा कुमारी, बस चालक दिल्ली निवासी सुरेंद्र कुमार, चाइना निवासी लड़की चीन, कांगड़ा के वार्ड नंबर पांच निवासी रिषी, शिमला के आशीष कुमार, बिहार स्थित पटना निवासी अमित कुमार और लंदन निवासी अनन्या, धर्मशाला निवासी गौरव, कांगड़ा निवासी प्रदीप कुमार के रुप में हुई।

फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जिंदा जले तीनों छात्रों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। गाड़ी को काटने के लिए कटर का इस्तेमाल किया गया। गाड़ी की अगली दोनों खिड़कियां काटकर आग से झुलसे छात्रों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस की माने तो अगर गाड़ी की खिड़की जाम नहीं होती तो छात्रों की जान बच सकती थी।

सामान लेने चंडीगढ़ आ रहे थे तीनों छात्र

लांडरां कालेज के तीनों छात्र अपने दोस्त के पास थ्रीबीटू में बैठे हुए थे। रात के समय अचानक ठंडा पानी समाप्त हो गया था। तीनों युवक गाड़ी में सवार होकर चंडीगढ़ आर हे थे, लेकिन हादसे में टक्कर के बाद उनकी मौत हो गई थी। दोस्त ने बताया कि सभी सड़क हादसे में मरने वाले दोस्तों के साथ उन्होंने ेहादसे से चंद घंटे पहले नाइट फूड स्ट्रीट पर खाना खाया था।

भाई से मिलकर वापिस जा रहे थे लंदन
यूके निवासी रुपेश अपनी पत्नी कविता और बेटी अनन्या के साथ धर्मशाला में अपने भाई राजेश के पास घूमने आए हुए थे। घूमने के बाद उन्होंने शुक्रवार रात को बस दिल्ली जाने के लिए थी। रुपेश और कविता की मौत के जानकारी मिलते ही उनके रिश्तेदार कानपुर और धर्मशाला से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो चुके है।
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लोगों की सहायता से जल्द हुआ बचाव कार्य

वोल्वो बस और स्विफ्ट कार के बीच हुई टक्कर के बाद लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने दस मिनट लगा दिए थे। पांच से दस मिनट में तो पुलिस मौके पर पहुंची थी।

उन्होंने आते ही घायल यात्रियों को बस से निकाला और बाद में बस में दबे एनआरआई दंपति को बाहर निकालने के लिए लोगों ने खुद ही बस को सीधा किया। काफी देर तक बस गिरी होने के कारण दंपति की मौत हो गई।
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