हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को सोसायटी से कंपनी बनाने के मामले में धर्मशाला अदालत ने सुनवाई 16 जून तक टाल दी है। पहले सोमवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी। मगर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 16 जून को सुनवाई की तारीख तय की है।
इसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके बेटों अनुराग ठाकुर और अरुण ठाकुर समेत 18 लोगों को चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस की ओर से 25 अप्रैल को एफआईआर नंबर 12/13 को लेकर कोर्ट में पेश किए गए चालान पर स्पेशल जज की अदालत में 9 मई को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान पेश किए चालान के पन्नों में कुछ त्रुटियां पाई गईं थीं।
न्यायाधीश ने विजिलेंस को ये त्रुटियां दूर करने के आदेश दिए थे। अदालत ने विजिलेंस को चार्जशीट पर त्रुटियां दूर करके फिर से रिकार्ड बनाने को कहा था।
धूमल और उनके बेटों पर लटकी है तलवार
चार्जशीट में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, उपाध्यक्ष अरुण धूमल, आरएस कपूर, सुरेंद्र ठाकुर, विशाल मरवाह, आरपी सिंह, प्रेम ठाकुर, संजय शर्मा, दानवेंद्र सिंह, कर्नल मन्हास, दाड़ी पंचायत के पूर्व प्रधान, उपप्रधान व पंचायत सदस्य, तत्कालीन नगर परिषद के ईओ आरएस वर्मा और गोपाल चंद समेत 18 लोगों के नाम हैं।
आरोप लगे थे कि एचपीसीए ने पहले सरकार से खिलाडि़यों के आवासीय परिसर के नाम पर सरकारी भूमि लीज पर ली थी मगर बाद में इसका प्रयोग एचपीसीए ने व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कंपनी को दे दिया। एचपीसीए ने सोसायटी को कंपनी में बदल दिया था।
दूसरे केस में सीएम वीरभद्र लेंगे फैसला
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ दर्ज भवन गिराने के मामले में विजिलेंस ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से प्रश्नावली के जरिये पूछताछ की थी। इसके बाद उनके जवाबों पर कानूनी राय ली गई।
शनिवार को अनुराग ठाकुर से पूछताछ और उनके जवाबों के आकलन के बाद पूर्व सीएम को चार्जशीट में शामिल करने पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
सोमवार को धर्मशाला की विजिलेंस टीम मुख्यालय के आला अधिकारियों के विचार विमर्श के बाद पूर्व मुख्यमंत्री का नाम जोड़ने पर फैसला लेगी।