कुछ बेनामी संपत्तियां भी होने की आशंका जताई जा रही है। इसी जानकारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग से उनका ब्योरा तलब कर लिया है। विभाग से मिलने वाली उनकी चल अचल संपत्ति के ब्योरे से जांच में मिली संपत्ति की जानकारी से मिलान किया जाएगा।
इसके बाद ब्यूरो आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगा। सूत्रों का कहना है कि सेवाकाल के अंतिम दिन किए गए टेंडर और निरस्तीकरण के बाद शासन ने भी आधिकारिक रूप से मामले में जांच की सिफारिश कर दी थी।
इसके बाद तब से सिंह के खिलाफ विजिलेंस प्रारंभिक जांच कर रहा है। उधर, नाम न लिखने की शर्त पर वन विभाग के एक अधिकारी ने विजिलेंस की ओर से घोषित चल-अचल संपत्ति मांगे जाने की पुष्टि की है।