हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर में वर्ष 2001-02 में सरकारी पदों पर नियुक्तियों में हुई धांधलियों में तत्कालीन चेयरमैन एसएम कटवाल और बोर्ड सदस्य की गिरफ्तारी को सतर्कता विभाग जगह-जगह दबिश दे रहा है। कोर्ट के आदेशानुसार दोनों को 26 सितंबर से पहले जेल भेजा जाएगा। दोनों की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज होने के बाद गिरफ्तारी के कोर्ट ने आदेश दिए हैं।
हालांकि, सरकारी पदों पर नियुक्त हुए शारीरिक शिक्षक राकेश छाबड़ा और टीजीटी मदन गोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। वर्ष 2001-02 में भाजपा कार्यकाल में चयन बोर्ड में सरकारी पदों पर नियुक्तियों में धांधलियों के आरोप लगे थे।
वर्ष 2004 में सत्ता परिवर्तन के साथ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नियुक्तियों में हुई धांधलियों की जांच शुरू करवाई। मामला सेशन कोर्ट में चला। यहां बोर्ड अध्यक्ष और सदस्य सहित चार लोगों को दोषी करार देते हुए एक से डेढ़ साल की सजा सुनाई गई। इन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में मामले को चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सेशन कोर्ट के फैसले को बरकरार रखकर याचिका खारिज कर दी है। इसके चलते सतर्कता विभाग ने दो दोषियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को सतर्कता विभाग ने शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। बोर्ड अध्यक्ष एसएम कटवाल और सदस्य डॉ. विद्या नाथ की धरपकड़ को दबिश तेज कर दी गई है।
सुप्रीमकोर्ट के आदेशानुसार दोनों को 26 सितंबर से पहले जेल भेजा जाएगा। उधर, सतर्कता विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह का कहना है कि दोनों की धरपकड़ को दबिश दी जा रही है। कोर्ट के आदेशानुसार दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।