पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा की समय पूर्व सेवानिवृत्ति मामले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल को एक प्रश्नावली भेजकर जवाब तलब किए हैं। विजिलेंस ने धूमल से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। ऐसी ही प्रश्नावली पूर्व मुख्य सचिव रवि ढींगरा और तत्कालीन गृह सचिव डा. पीसी कपूर को भी भेजी है।
विजिलेंस ब्यूरो ने धूमल से पूछा है कि पिछली सरकार ने एएन शर्मा की समय पूर्व सेवानिवृत्ति के आवेदन को पहले रद्द किया और बाद में मंजूर कर लिया गया। दोनों बार ऐसा किन नियमों के तहत किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री से एनएन शर्मा से उनके संबंधों पर भी सवाल पूछे गए हैं। इसके अलावा एएन शर्मा के टिकट के लिए आवेदन करने संबंधित सवाल भी पूछे गए हैं।
क्या है यह मामला
विजिलेंस जांच में एएन शर्मा पर आरोप हैं कि वे वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से हमीरपुर जिले के नादौन निर्वाचन क्षेत्र से टिकट के दावेदार थे। उन्होंने टिकट लेने की प्रक्रिया में समय पूर्व सेवानिवृत्ति को आवेदन किया था। उन्हें सेवानिवृत्ति देने की अधिसूचना को सरकार ने बाद में विदड्रा कर लिया था। टिकट नहीं मिलने के बाद वे पुलिस सेवा में लौट आए। वे पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्हें नगर निगम शिमला के आयुक्त पद पर भी नियुक्ति दी गई।
सत्ता में आते ही जांच बैठाई कांग्रेस ने
कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने इस विषय पर प्रारंभिक जांच बैठाई। बाद में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एएन शर्मा धूमल के करीबियों में गिने जाते रहे हैं। वे 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। वे 30 नवंबर 2011 को सेवानिवृत्त हुए। विजिलेंस ने इस मामले में शर्मा की सेवानिवृत्ति की अधिसूचना को वापस लेने में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव और गृह सचिव की भूमिका पर भी उंगली उठाई।
मामले का अन्वेषण अंतिम चरण में है। इसी प्रक्रिया में एक प्रश्नावली भेजी गई है।
- रमेश छाजटा, पुलिस अधीक्षक, विशेष जांच इकाई, विजिलेंस ब्यूरो