उपचार के दौरान इंजेक्शन के रिएक्शन से एक महिला की जुबान बंद होने का मामला सामने आया है। हालत में सुधार न होने पर उसे इलाज के पीजीआई के लिए रवाना होना पड़ा। यह आरोप महिला के परिजनों ने लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक उपमंडल बंगाणा के गांव रिट सतरुखा की केसरी देवी उल्टी एवं दस्त से ग्रस्त थी। 7 जून को अपना इलाज करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंगाणा में गई, जहां पर इंजेक्शन लगने पर महिला को रिएक्शन हो गया।
रिएक्शन होने के बाद पीड़ित महिला को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना रेफर किया गया।
चार दिन बाद भी महिला की आवाज वापस नहीं
तीन दिन इलाज चलने के उपरांत उसे दस जून को घर भेज दिया गया। क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला की आवाज बंद होने के सभी टेस्ट भी किए। टेस्ट रिपार्ट में महिला को सामान्य बताया गया। लेकिन डिस्चार्ज होने के चार दिन बाद भी महिला की आवाज वापस नहीं आई।
मजबूरन उसे पीजीआई चंडीगढ़ का जाना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की गलती का खामियाजा उक्त महिला को भुगतना पड़ रहा है। सीएमओ जीआर कौशल का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को हर हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी और उसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएगी।
उधर, एसडीएम बंगाणा मनोहर लाल यादव का कहना है कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जानकारी अभी मिली है, मामले की जांच की जाएगी।