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VIDEO: छेड़छाड़ के आरोपी को ऐसी अमानवीय सजा

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बीते दिनों क्षेत्र के एक युवक के मुंह पर कालिख पोतने, लोहे की चेन से हाथ बांधकर और जूतों का हार पहनाकर पूरे गांव में जुलूस निकालने की घटना का बनाया वीडियो अमर उजाला के हाथ लगा है।
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वीडियो देखने से साफ पता लग रहा है कि किस तरह से पंचायत प्रतिनिधियों का तुगलकी फरमान जारी होने के उपरांत छात्रा से छेड़छाड़ मामले में फंसे आरोपी युवक के मानवीय अधिकारों का हनन किया गया।

लगभग एक मिनट 34 सेकेंड के वीडियो में युवक का मुंह काला कर उसके गले में जूतों की माला डालकर उसे गांव की गलियों में घुमाया जा रहा है। कालिख पोते युवक के हाथ भी लोहे की चेन से पीछे की ओर बांधे हुए नजर आ रहे हैं।
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लोगों ने बनाया घटना का वीडियो

युवक कहीं भाग न पाएं इसके लिए बाकायदा एक युवक लोहे की चेन को पकड़ कर चल रहा है। गांव के कई बच्चे और लोग अपने-अपने मोबाइल पर घटना का पूरा वीडियो बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

बीते वीरवार को ऊना विस क्षेत्र के तहत पड़ने वाली एक पंचायत में उक्त घटना घटी। पीड़ित युवक पर एक छात्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगने पर लड़की के पिता ने मामला पंचायत में उठाया। लड़की का पिता पुलिस कर्मी बताया जा रहा है।

चार ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए युवक के मुंह पर कालिख पोत कर एवं पिटाई के उपरांत पूरे गांव में युवक को घुमाया। पंचायतों की ओर कानून को दरकिनार करते हुए खुद सजा तय की गई।

यह था मामला

युवक पर एक पुलिस कर्मचारी की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। पांच जून को मामले में महापंचायत बुलाई गई। इसमें सनोली के साथ मजारा, मलूकपुर, पूना के पंचायत प्रतिधिनियों एवं बीडीसी सदस्यों ने भाग लिया था।

महापंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए युवक की पिटाई के बाद मुंह काला करवाकर जूतों का हार डालकर नंगे पैर चेन से हाथ बांधकर पूरे गांव में घुमाया।

घटना के बाद मानसिक रूप से परेशान युवक ने दो बार अपने ही घर में सुसाइड करने का प्रयास किया। शनिवार आठ जून को ग्रामीणों के विरोध के समय युवक ने कहा था उसके साथ अन्याय हुआ है। उसे या तो फांसी चढ़ा दी जाए या गोली मार दी जाए।

एसडीएम के आदेश पर दर्ज हुआ था केस

सात जून को एसडीएम धनवीर ठाकुर सनोली में पानी की निकासी मामले में मौका देखने आए, तब ग्रामीणों ने युवक के मुंह पर कालिख पोतने के मामला उठाया।

एसडीएम ने उसी वक्त संतोषगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार को बुलाकर अपनी मौजूदगी में लगभग दो दर्जन ग्रामीणों के बयान दर्ज करवाकर एफआईआर दर्ज करवाई।

एफआईआर दर्ज करवाने के बाद दूसरे पक्ष ने भी युवक के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था।

क्या कहना है जांच अधिकारी का

सनोली मामले में नियुक्ति किए जांच अधिकारी एवं संतोषगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से क्रास मामला दर्ज होने के बाद मामले की आगामी की छानबीन की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में कुछ लोगों के बयान भी कलमबंद कर लिए गए हैं।

‘अमर उजाला’ छेड़छाड़ की घटनाओं की निंदा करता है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर इस तरह का कदम उठाना शर्मनाक है। इसके लिए बाकायदा कानून बना है, लेकिन खुद ही तुगलकी फरमान जारी कर किसी को सजा देने का अधिकार किसी को नहीं है।

क्या कहते हैं जिला पंचायत अधिकारी

जिला पंचायत अधिकारी कुसुम शर्मा का कहना है कि पंचायतीराज एक्ट के तहत पंचायत प्रधानों को केवल जुर्माना करने का अधिकार दिया गया है।

किसी का मुंह काला करना, मारपीट करने या हाथ बांधने का प्रधानों को कोई अधिकार नहीं है। अगर कोई पंचायत प्रतिनिधि ऐसा करता है तो वह कानूनन अपराध एवं जुर्म माना जाएगा।
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देखिए घटना का वीडियो

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