माधव विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री के तार ढूंढने गई पुलिस के हाथ करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज लगे हैं। महज कुछ सालों में जुटाई संपत्ति का मुख्य स्रोत पहेली बन गया है। इसके अलावा मानव भारती और माधव विश्वविद्यालय के बीच फर्जी डिग्री के अहम सुराग पुलिस ने ढूंढ लिए हैं। लेकिन माधव विश्वविद्यालय से कई दस्तावेज गायब होने या उन्हें कंप्यूटर से डिलीट कर दिए जाने की संभावना है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस अब मानव भारती की तर्ज पर ही माधव विश्वविद्यालय का भी फोरेंसिक ऑडिट करवाना चाहती है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने मानव भारती विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री मामले में फोरेंसिक ऑडिट के आदेश जारी किए हैं। ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्य साफ हो सकें। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि पूछताछ में जो भी नाम सामने आ रहे हैं उन पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। राजस्थान गई टीम के हाथ अहम सुराग लगे हैं और इनके आधार पर केस आगे बढ़ेगा।
क्वारंटीन होगी राजस्थान गई टीम
माधव विश्वविद्यालय की पड़ताल करने राजस्थान गए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उनकी टीम को क्वारंटीन में रहना होगा। राजस्थान से लौटते ही पूरी टीम को क्वारंटीन किया जाएगा। क्वारंटीन अवधि के दौरान इस मामले की पड़ताल पर कोई असर न पड़े इसे लेकर पुलिस महकमे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस की अतिरिक्त टीम को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी चल रही है और राजस्थान गई टीम से ऑनलाइन चर्चा होती रहे, इसके भी प्रबंध किए जा रहे हैं।