फर्जी तरीके से एटीएम बना विधवा के खाते से करीब दो लाख रुपये उड़ाने का मामला सामने आया है। पति की मौत के बाद मिली मुआवजा राशि से विधवा ने अपने और तीन बच्चों के नाम एफडी करवाई। इस राशि को किसी अन्य पिता-पुत्र ने एटीएम बनाकर निकाल लिया। पांच लाख की एफडीआर और करीब दो लाख की राशि चालू खाते में जमा करवाई गई थी और जब इसने बच्चों के खाते को चैक किया तो इसमें सिर्फ 5000 की राशि ही पाई गई। बैंक जाकर पूछताछ की तो मालूम पड़ा है कि पिता-पुत्र ने मिलकर इसके तीन बच्चों के खाते से पैसे निकाले हैं और इस बावत पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में सुंगति पत्नी स्व. उमाशंकर निवासी गांव फकरी आंवा, डाकघर पंचरुखी परफअना, जिला खुशीनगर यूपी ने बताया कि वह बुरांवाला में एक्वा मॉल कंपनी में काम करती है। पति स्व. उमा शंकर झाड़माजरी में एक कंपनी में काम करता था। 13 सितंबर 2014 को चोट लगने के कारण पति देहांत हो गया। देहांत के बाद कंपनी ने मुआवजा राशि दी। जो इसने अपने मकान मालिक अजमेर सिंह, देवर कमलेश प्रसाद, नंबरदार बीरबल को साथ लेकर पांच लाख की एफडीआर अपने व तीन बच्चों के नाम करवाई और 1,94,910 रुपये अपने और तीन बच्चों निर्मला, नंद लाल, नंद किशोर के नाम चालू खाते में जमा करवाए थे।
कुछ माह पहले शाहपुर से अपने घर गांव फकरी आ गई थी और इसने अपने बच्चों का खाता चेक करवाया तो खाते में पांच हजार रुपये ही जमा मिले। इसके बाद इसने मकान मालिक अजमेर, नंबरदार बीरबल और देवर कमलेश को बताया और इन तीनों ने पीएनबी बद्दी शाखा में जाकर पूछताछ की तो यहां मालूम पड़ा कि वर्ष 2016 में इसके तीनों बच्चों के खाते का एटीएम बैंक वालों ने तैयार करवाकर जोगिंद्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी गांव नवांनगर चिड़ा तहसील कालका जिला पंचकूला को दे दिया है। पता चला है कि जोगिंद्र सिंह और उसके बेटे ओमप्रीत सिंह ने मिलकर इसके तीनों बच्चों के खाते से पैसे निकाले हैं। उधर,एएसपी एनके शर्मा ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।