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शिकारियों ने मार डाले दुर्लभ प्रजाति के दो हिरन, मौके पर ही छोड़कर फरार

Sat, 26 Mar 2016 08:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सरकाघाट (मंडी)
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जंगल में मारे गए हिरण। - फोटो : अमर उजाला
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शिकारियों ने जंगल में दो हिरनों को मार डाला। गोलियों की आवाज सुन वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक आरोपी फरार हो गए। मामला हिमाचल के मंडी जिले का है। जिला मंडी के सरकाघाट के तनिहार जंगल में वीरवार को शिकारियों ने दो हिरनों को मार डाला।
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गोलियों की आवाज सुन वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन भनक लगते ही शिकारी हिरनों को जंगल में छोड़कर फरार हो गए। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ को जगह-जगह दबिश दे रही है। गौरतलब है कि हिमाचल में अब कम ही हिरन बचे हैं। विभाग मारे गए हिरनों को दुर्लभ प्रजाति का बता रहा है।

पुलिस के अनुसार वीरवार को वन अधिकारी रूपलाल एवं वन रक्षक विनोद कुमार मन्योह गांव में पौधों की नर्सरी का दौरा कर लौट रहे थे। तनिहार गांव पहुंचते ही जंगल में गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इस पर वन अधिकारी और वन रक्षक जंगल की तरफ दौड़े। वन कर्मियों को देखकर शिकारी मृत हिरनों को मौके पर ही छोड़कर भाग गए। हालांकि, दोनों ने कुछ दूरी तक शिकारियों का पीछा भी किया, लेकिन घने जंगल का फायदा उठाकर शिकारी भाग निकले।
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सात साल की कैद, 50 लाख जुर्माने का प्रावधान

वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी साबित होने पर सात साल की कैद और 5 लाख से लेकर 50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।
वन अधिकारी रूप लाल ने बताया कि उन्होंने दो शिकारियों को भागते हुए देखा। उनकी पहचान नहीं हो पाई है। वन विभाग ने मृत हिरनों को कब्जे में लेकर पशु चिकित्सालय सरकाघाट में पोस्टमार्टम कराया है। पशु चिकित्सक डॉ. कैलाश ने दो हिरनों की गोली लगने से मौत की पुष्टि की है।

विभाग की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के खिलाफ केस दर्ज छानबीन शुरू कर दी है। वन अरण्यपाल उपासना पटियाल ने बताया कि बार्किगिं डियर प्रजाति के दो हिरन मारने का मामला आया है। विभाग अवैध शिकार के खिलाफ गश्त करता रहता है। इस मामले में अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

दो अज्ञात शिकारियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 51 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की छानबीन की जा रही है, जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे। -संजीव भाटिया, डीएसपी सरकाघाट (मंडी)

वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी साबित होने पर सात साल की कैद और 5 लाख से लेकर 50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, आर्म्स एक्ट के तहत दोषी को एक साल की कैद और जुर्माना हो सकता है।

पुलिस को अंदेशा है कि हिरन का शिकार करने वाले आसपास के क्षेत्र से हो सकते हैं। बाहर का व्यक्ति दूसरे इलाकों में जाकर ऐसी हिमाकत नहीं कर सकता। जिन लोगों के पास लाइसेंसी बंदूकें हैं, पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है। पुलिस तनिहार में भी लोगों से पूछताछ करेगी ताकि पता चलाया जा सके कि इस क्षेत्र में बंदूक के साथ किसी को जंगल की तरफ आते-जाते तो नहीं देखा।
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