जब बच्ची रात एक बजे घर पहुंची तो उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में उपयोग की गाड़ी बरामद कर ली। शनिवार को बच्ची की शिनाख्त पर पांच लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपी चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
12 घंटे बाद हुआ पीड़िता का मेडिकल
बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस में शिकायत के 12 घंटे बाद पीडि़त बच्ची का मेडिकल कराया गया। डीएसपी देहरा लालमन शर्मा ने बताया कि दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस देहरा अस्पताल में पीडि़ता का उपचार करवा रही है।
निजी स्कूल में पढ़ने वाली चार साल की मासूम से दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच से नाखुश ग्रामीणों ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को ग्रामीणों ने मंडी-हमीरपुर एनएच पर कलखर चौक में चक्का जाम किया। दस बजे से एक बजे तक करीब तीन घंटे चक्का जाम में ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही।
चक्का जाम से एनएच के अलावार कलखर से पटड़ीघाट और रिवालसर मार्ग पर आवाजाही भी बाधित रही। पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए महिलाओं ने जमकर गुबार निकाला। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि अगर जल्द ही पुलिस ने कड़ी कार्रवाई नहीं की तो मंडी में एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। मंडी की सड़कों पर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
उधर, हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। डीएसपी तरणजीत सिंह और एसएचओ बल्ह राजेश कुमार ने मौके पर स्थिति को संभाला। समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम खोला। डीएसपी ने कहा कि मामला पेचीदा है। इस मामले में सही और सटीक जांच होना बेहद जरूरी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में कुछ राजनीतिक पार्टियों ने रोटियां सेंकनी शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक रसूख वाले लोग भी पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के साथ होकर वे खुद की गिरफ्तारी पर अड़ गए। ग्रामीणों का तर्क था कि इस पूरे प्रकरण को राजनीति से दूर रखा जाए। दोषियों को उनके किए की सजा मिले, इसके लिए प्रदर्शन किया जा रहा है।
पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिले
प्रदर्शनकारियों पवन कुमार, डिंपल, हरीश, लीला देवी, कमला देवी, निशा देवी, द्रोमती देवी, बिमला देवी, नरेश, हेम सिंह, कुसमलता आदि ने कहा कि एक नन्हीं बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। इसकी जांच तेज होनी चाहिए। पुलिस की अब तक की जांच संतोषजनक नहीं है, इस कारण आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं। पीड़ित को अविलंब न्याय मिलना चाहिए।
रिवालसर में मासूम छात्रा से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को बल्ह थाना में स्कूल प्रबंधन और स्टाफ के 15 लोगों को तलब किया गया। पुलिस ने गहन पूछताछ की। एसआईटी की 5 सदस्यीय टीम में डीएसपी तरनजीत सिंह, एसएचओ बल्ह राजेश ठाकुर, जांच अधिकारी सिंपल चौहान, रिवालसर चौकी इंचार्ज मुंशी राम और पुलिस कर्मी सावित्री देवी शामिल रहीं।
स्कूल के प्रिंसिपल, मालिक, दो चपरासी और नर्सरी के दो टीचर, स्कूल बस के चालक से भी पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। जांच के अलावा पुलिस ने स्कूल का चप्पा-चप्पा खंगालकर साक्ष्य एकत्रित किए। एसपी मंडी गुरुदेव शर्मा ने बताया कि अभी इस विषय में कुछ भी ज्यादा कहना उचित नहीं होगा। पुलिस तमाम पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पूरा दिन स्कूल प्रबंधन और स्टाफ को थाने में रखा गया। खुद एसपी ने भी इन लोगों से पूछताछ की।
नेरचौक के चिकित्सकों की टीम ने पुलिस को सौंपी जांच
नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी है। बच्ची के फिजिकल एग्जामिनेशन के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पांच चिकित्सकों की टीम का गठन किया गया था। जांच के बाद इस टीम ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। उधर, एसपी मंडी के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। यह मामला संजीदा है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।