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चोरों ने किए ऐसे खुलासे कि पुलिस भी शरमा गई

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जेल में बंद एक साथी ने बताया था कि शिमला में चोरी करना आसान है। पुलिस का भी ज्यादा पहरा नहीं रहता। वहां के मंदिरों की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। वहां के मंदिरों में खूब चढ़ावा चढ़ता है। एक अच्छा हाथ लगने पर कई महीने ऐशो आराम से गुजार सकते हो।
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उसकी बातों में आकर उन्होंने शिमला आकर किसी एक बड़े मंदिर में चोरी करने की ठान ली। शिमला पहुंचकर उन्हें रेलवे स्टेशन से ही जाखू में स्थापित हनुमान की विशालकाय मूर्ति को देखा। तभी योजना बना ली थी यहीं चोरी करनी है।

जाखू मंदिर में दांव नहीं चला लेकिन बाबा बालकनाथ मंदिर में वह अपने मंसूबे में कामयाब हो गए। चोरी का सामान समेटकर जब जा रहे थे तो जनाब आप ने पकड़ लिया। यह खुलासा मंदिर में चोरी करने के आरोप में पकड़े गए आरोपी नजीम अली और रामनारायण ने किया है। दोनों अब पुलिस रिमांड पर हैं। दोनों अमृतसर में कबाड़ का काम करते हैं।
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ऐसे पकड़े गए थे दोनों आरोपी

दोनों आरोपियों ने जाखू स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर का ताला तोड़कर दानपात्र से हजारों का चढ़ावा चुरा लिया। लेकिन जब चोरी के आरोपी पास के जंगल में पैसों का बंटवारा कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। रविवार को दोनों आरोपी कालका से शिमला ट्रेन से आए थे।

रेलवे स्टेशन पर उतरकर उन्होंने हनुमान जी की विशाल प्रतिमा को देखा। जब उन्होंने इस जगह के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि यह मूर्ति जाखू में है और वहां प्रसिद्ध जाखू मंदिर हैं। इसके बाद दोनों आरोपी एक बाबा के साथ दोपहर में जाखू मंदिर पहुंचे।

यहां बुरी नीयत से आए थे लेकिन जाखू मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को देखकर आरोपियों ने नजदीक के बाबा बालकनाथ मंदिर में चोरी करने का फैसला किया। दिन भर रैकी करने के बाद दोनों आरोपी बाबा बालक नाथ मंदिर के परिसर में ही सो गए।

छठे हुए बदमाश हैं दोनों

मंदिर बंद करके पुजारी भी सोने चले गए इसके बाद दोनों आरोपियों ने मंदिर का ताला तोड़ा और भीतर दाखिल हुए। यहां मुख्य दानपात्र के ताले को उखाड़ा और उसमें रखे रुपये और सिक्कों को बैग में भरकर चंपत हो गए। आरोपियों को अंबाला रेलवे पुलिस और अमृतसर पुलिस भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है। दोनों पुलिस स्टेशनों को शिमला पुलिस ने सूचना दे दी है।

अमृतसर में छीनीं हैं चेनें
आरोपियों ने कहा कि वह पहली बार शिमला आए हैं। अमृतसर से ट्रेन में कालका पहुंचे और वहां से ट्रेन में शिमला आए। वह पिछले तीन साल से एकसाथ रह रहे हैं। ट्रेन में मुसाफिरों के साथ लूटमार और चेन स्नेचिंग की वारदात को वह अंजाम देते रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अमृतसर में उन्होंने चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दिया है। शिमला पुलिस इनके बारे में अमृतसर पुलिस से भी संपर्क कर रही है।
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बांट लिया था चोरी का पैसा

चोरी का पैसा बांटने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने अपने बैग में पैसा छिपा दिया था। तलाशी के दौरान नजीम अली के बैग से 29 हजार 752 रुपये की करेंसी और 1995 की रेजगारी मिली। वहीं दूसरे आरोपी रामनारायण के बैग से 22 हजार 748 की करेंसी बरामद की गई। कुल मिलाकर पुलिस ने आरोपियों से चोरी का 56 हजार 59 रुपये बरामद कर लिया है।

आरोपियों से चल रही है पूछताछ
डीएसपी सिटी बलबीर सिंह ने कहा कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि जेल में बंद एक व्यक्ति से उन्होंने सुना था कि शिमला के मंदिरों में सुरक्षा का इंतजाम नहीं रहता। वहां चोरी करना आसान है इसलिए वह शिमला में चोरी की नीयत से आए थे। आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर हैं इनसे पूछताछ चल रही है।
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