आरोपी की न्यायिक हिरासत समाप्त होने पर वीरवार को उसे अदालत में पेश किया गया। यहां अदालत में मुहैया करवाए गए सरकारी वकील ने नीलू की पैरवी की। न्यायाधीश विरेंद्र सिंह की अदालत ने आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
शुक्रवार को उसे फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। गुड़िया प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने 13 अप्रैल को आरोपी नीलू को शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से गिरफ्तार किया था।
सीबीआई का दावा है कि आरोपी ने ही गुड़िया से दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या की थी। आरोपी नीलू की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट को आधार बनाया था।
सीबीआई के मुताबिक डीएनए प्रोफाइलिंग कीरिपोर्ट के अनुसार आरोपी के डीएनए का घटना स्थल तथा शव से बरामद डीएनए सामग्री से सौ प्रतिशत मिलान हुआ है। इसी आधार पर जांच ऐजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि गुड़िया का असली कातिल नीलू ही है।
इस मामले में सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ 29 मई को हाईकोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बीते वर्ष छह जुलाई को गुड़िया का शव कोटखाई के जंगल में बरामद हुआ था। दसवीं कक्षा की छात्रा गुड़िया कोटखाई के एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी जो चार जुलाई को अचानक लापता हो गई थी।
पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद गुड़िया को निर्मम तरीके से मारा गया। 19 जुलाई 2017 को हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस केस की जांच के आदेश दिए थे।