कॉस्मेटिक उत्पादों के सैंपल मानकों पर खरा न उतरने और उनमें मिलावट पर सीजेएम नाहन डॉ. आबीरा बासू की अदालत ने कंपनी संचालक को छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में सात दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। धौलाकुआं में चल रही कंपनी से एंटी वैक्टीरिया साबुन और हर्बल मसाज साबुन समेत अन्य उत्पादों के सैंपल लिए गए थे। अदालत में मामले की पैरवी सरकार की ओर से ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौहान ने की।
अदालत ने ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27 (ए)(1)(2) के तहत कंपनी संचालक मलेश उकानी निवासी राजकोट (गुजरात) को यह सजा सुनाई है। दोषी संचालक पांवटा साहिब के धौलाकुआं में बेन लैब लिमिटेड नाम से कंपनी चला रहा है।
26 जुलाई, 2012 को आरोपी के खिलाफ यह मामला ड्रग इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुआ था। ड्रग इंस्पेक्टर ने मलेश उकानी की धौलाकुआं में बेन लैब लिमिटेड कंपनी से कॉस्मेटिक आइटम के आठ सैंपल लिए थे। इनमें चार सैंपल पर सरकारी विश्लेषक ने अपनी रिपोर्ट दी।
रिपोर्ट के अनुसार चार सैंपलों में से तीन सब स्टैंडर्ड पाए गए। एक सैंपल मिलावटी पाया गया। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की गई। शुक्रवार को सीजेएम नाहन की अदालत ने सभी गवाहों और मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई।