फोटो में कार पर नंबर तो उनकी गाड़ी का था, लेकिन कार टाटा विस्टा के बजाय स्विफ्ट डिजायर थी। उन्होंने इसकी शिकायत केंद्रीय परिवहन मंत्रालय, वाहन, ई चालान, एम परिवहन के अलावा नोएडा पुलिस को ई-मेल से की।
इसमें कहा कि उनकी कार कभी हिमाचल से बाहर गई ही नहीं। साथ ही एम परिवहन एप का हवाला देते हुए कार में गड़बड़ी की बात उठाई। बड़ी गड़बड़ी की आशंका के चलते केंद्रीय विभाग ने हिमाचल में एम परिवहन एप का डाटा मेंटेन करने वाले हिमाचल एनआईसी को इस संबंध में संपर्क किया।
जांच में पता चला कि धीरज की बात और आरोप सही हैं। अब संबंधित विभाग के अधिकारी असमंजस में हैं। जानकारों का कहना है कि नोएडा की सड़कों पर दौड़ रही वह कार चोरी की हो सकती है। ई चालान के तहत सीसीटीवी कैमरों की मदद से ट्रैफिक की निगरानी करने वाली नोएडा पुलिस भी अब मामले में छानबीन में जुट गई है।